सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन योजना के लिए तकनीकी सहयोगी संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित
धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जिले के एक ग्राम का होगा चयन
8 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन, ग्रामसभा के सहयोग से तैयार होगी सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 28 सितंबर 2026। धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन के लिए ग्रामसभाओं को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिले में चयनित एक ग्रामसभा के लिए तकनीकी सहयोगी संस्था, सामाजिक संस्था अथवा स्थानीय संस्था का चयन किया जाना है। इसके लिए पात्र संस्थाओं से 8 अक्टूबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
अभियान के दिशा-निर्देशों के अनुसार चयनित संस्था द्वारा ग्रामसभा की क्षमता विकास, वन भूमि सर्वेक्षण, वन संसाधनों का मानचित्रण, लघु वनोपज प्रबंधन, जैव विविधता का मानचित्रण तथा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति को तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही सामुदायिक वन संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना तैयार करने तथा उसके क्रियान्वयन में ग्रामसभा को सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
*एक ग्रामसभा के लिए 15 लाख रूपए की स्वीकृति*
धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन योजना के प्रस्तुतीकरण एवं क्रियान्वयन के लिए 400 ग्रामसभाओं हेतु प्रति ग्रामसभा 15 लाख रूपए की दर से कुल 6000 लाख रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

तकनीकी सहयोगी संस्था के लिए ग्रामसभाओं को वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न विभागीय योजनाओं के माध्यम से आजीविका संवर्धन एवं वन प्रबंधन में समन्वय के लिए सहयोग का अनुभव होना आवश्यक है। संस्था का सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 अथवा राज्य सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत सोसायटी या सार्वजनिक न्यास के रूप में अथवा कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत गैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत होना जरूरी है। संस्था का गत वर्ष तक का वित्तीय अंकेक्षण पूर्ण होना चाहिए तथा नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है।

इसके अलावा संस्था द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी जिले अथवा विकासखंड में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन में कम से कम 3 वर्षों से विभिन्न ग्रामसभाओं को सहयोग प्रदान किया जा रहा हो। इसमें विशेष रूप से सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों की मान्यता प्रक्रिया के तहत दावा निर्धारण, पारंपरिक सीमाओं का सीमांकन एवं मानचित्रण तथा सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों में तकनीकी सहयोग का अनुभव शामिल है। संबंधित ग्रामसभा द्वारा संस्था के नाम पर प्रस्ताव के माध्यम से लिखित अनुमोदन भी आवश्यक होगा।
यदि किसी ग्रामसभा में एक से अधिक संस्थाओं द्वारा आवेदन किया जाता है, तो संबंधित ग्रामसभा में सामुदायिक वन संसाधन से जुड़े विषय में संस्थाओं की विशेषज्ञता एवं जमीनी स्तर पर कार्य-कुशलता के आधार पर संस्था का चयन किया जाएगा।
*12 अक्टूबर तक पूरी होगी चयन प्रक्रिया*

प्राप्त आवेदनों में संस्थाओं की पात्रता एवं क्षमता का परीक्षण जिला स्तरीय निगरानी समिति के माध्यम से किया जाएगा और 12 अक्टूबर 2026 तक चयन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। जिले में कार्यरत पात्र तकनीकी सहयोगी संस्था, सामाजिक संस्था अथवा स्थानीय संस्था निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं अनिवार्य मापदण्डों के अनुरूप अपना आवेदन 8 अक्टूबर 2026 तक कार्यालयीन समय में कार्यालय कलेक्टर, आदिवासी विकास, सारंगढ़ में स्वयं उपस्थित होकर अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रस्तुत कर सकती है।

