
*विनोद डडसेना को मिला सामाजिक शिक्षा रत्न सम्मान”*
“छत्तीसगढ़ कलार समाज के ऐतिहासिक समारोह में राष्ट्र-निर्माता शिक्षकों का हुआ भव्य सम्मान”

बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ कलार समाज द्वारा शिक्षा, सेवा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के सम्मान के लिए एक गरिमामय एवं ऐतिहासिक सम्मान समारोह का आयोजन सत्य साईं हॉस्पिटल ऑडिटोरियम, रायपुर में किया गया। समारोह में प्रदेशभर से शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित शिक्षकों को एक मंच पर सम्मानित कर उनके योगदान को नमन किया गया। सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि की आसंदी पर विराजमान थीं। जिनके शुभ कर कमलों से विनोद डडसेना को यह सम्मान मिला ।विशिष्ट अतिथि के रूप में केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग अध्यक्ष राकेश पाण्डे, अशोक बजाज, अशोक सिन्हा, प्रमिला सिन्हा आसीन थे। छत्तीसगढ़ कलार समाज के प्रांताध्यक्ष युवराज सिन्हा सहित समाज के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न इस समारोह में उन शिक्षकों का सम्मान किया गया, जो अपने ज्ञान, समर्पण और कर्मठता से समाज की नई पीढ़ी को गढ़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। समारोह की विशेषता यह रही कि प्रदेश के कोने-कोने में ज्ञान की अलख जगाने वाले शिक्षकों को एक सूत्र में पिरोने का अभिनव प्रयास किया गया। शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला मानते हुए सेवा और सृजन के लिए संकल्पित शिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में शिक्षा, समाज सेवा, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर अपने नगर एवं क्षेत्र को गौरवान्वित करने वाले शिक्षक विनोद डडसेना प्रधान पाठक जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ को सामाजिक“शिक्षारत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके शैक्षणिक दायित्वों के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय योगदान का सम्मान है। विनोद डडसेना के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि वे एक ऐसी शिक्षक हैं , जिसने शिक्षा को केवल पेशा नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण मानते हैं। शिक्षक विनोद डडसेना “राज्य स्तरीय सामाजिक शिक्षा रत्न सम्मान” से सम्मानित होने पर सामाजिक पदाधिकारियों, कुटुम्बजनों, इष्ट-मित्रों एवं शिक्षक साथियों व शुभचिंतकों ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस तरह शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, सेवा और सृजन की यह यात्रा निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

