छत्तीसगढ़सारंगढ़

कहानी बदलाव की : अतिक्रमण मुक्त शासकीय भूमि बनी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार

कहानी बदलाव की : अतिक्रमण मुक्त शासकीय भूमि बनी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार

जामपाली में शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर जनहित में किया गया उपयोग, आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र से बच्चों को मिल रहा सुरक्षित और बेहतर वातावरण

सारंगढ़-बिलाईगढ़, कभी अतिक्रमण के कारण उपयोग से बाहर रही शासकीय भूमि आज ग्राम जामपाली के नन्हे-मुन्ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारभूमि बन गई है। सरिया तहसील के ग्राम जामपाली में शासकीय भूमि खसरा नंबर 309/1 के कुल रकबा 1.833 हेक्टेयर में से कुछ हिस्से पर स्थानीय व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण किया गया था। इसके कारण शासकीय भूमि का जनहित के कार्यों में उपयोग नहीं हो पा रहा था और गांव के बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ था। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आ रही “कहानी बदलाव की” में जामपाली की यह पहल बताती है कि प्रशासनिक कार्रवाई से मुक्त कराई गई शासकीय भूमि का सही उपयोग किस तरह गांव के विकास और बच्चों के बेहतर भविष्य का आधार बन सकता है।

मामले को संज्ञान में लेते हुए तहसीलदार सरिया द्वारा राजस्व अभिलेखों की जांच के साथ स्थल निरीक्षण कर शासकीय भूमि की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया गया। नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए और प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इसके बाद इस भूमि को खाली छोड़ने के बजाय जनहित और बाल विकास की जरूरतों के अनुरूप उपयोग में लाने की पहल की गई।

अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इसी शासकीय भूमि पर जनपद पंचायत बरमकेला द्वारा आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया गया है। अब यही केंद्र गांव के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध करा रहा है। यहां बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण तथा बाल विकास से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। इस बदलाव ने न केवल शासकीय भूमि को उपयोगी बनाया है, बल्कि उसे गांव के बच्चों के विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य से जोड़ दिया है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!