
बिलाईगढ़: यौन उत्पीड़न और फर्जीवाड़े के आरोपी सीएमओ यशवंत देवांगन निलंबित, स्वच्छता दीदियों के संघर्ष की बड़ी जीत

बिलाईगढ । सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत बिलाईगढ़ में ‘मिशन क्लीन सिटी’ और ‘जय मां समलाई स्व-सहायता समूह’ की स्वच्छता दीदियों के लंबे संघर्ष की आखिरकार जीत हुई है। महिलाओं के कड़े विरोध और 29 सितंबर को एसडीएम कार्यालय के ‘महाघेराव’ की चेतावनी के बाद, शासन ने दागी प्रभारी सीएमओ यशवंत कुमार देवांगन को 25 सितंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत सीएमओ पर लगे गंभीर आरोपों से हुई थी। 10 सितंबर 2026 को सौंपी गई एसडीएम की जांच रिपोर्ट में यह सिद्ध हो गया था कि सीएमओ देवांगन ने स्वच्छता दीदियों के साथ अश्लील हरकतें कीं, द्विअर्थी बातें कीं और उनका यौन उत्पीड़न किया। इसके अलावा, ‘वूमेन फार ट्री’ योजना और अन्य कार्यों का भुगतान भी जानबूझकर रोका गया।

जब महिलाओं ने शिकायत की, तो बदले की भावना से सीएमओ ने शासकीय दस्तावेजों में गंभीर कूटरचना (फर्जीवाड़ा) की। 14 अगस्त को परिषद की बैठक में ‘पचरी निर्माण’ के लिए सर्वसम्मति से पास हुए एजेंडा क्रमांक 21 को, 7 सितंबर को बंद कमरे में बदलकर महिलाओं को नौकरी से निकालने का फर्जी प्रस्ताव बना दिया गया।

एसडीएम जांच में आरोप सिद्ध होने के बावजूद 15 दिनों तक अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जिसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने 28 सितंबर तक एफआईआर और निलंबन न होने पर 500 से अधिक महिलाओं द्वारा उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम दिया था। इस भारी दबाव और एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास ने श्री देवांगन को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय बिलासपुर निर्धारित कर दिया है। एसडीएम रिपोर्ट में आरोपी अधिकारी पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत एफआईआर दर्ज करने की भी स्पष्ट अनुशंसा की गई है।



