
बिलाईगढ़ नगर पंचायत उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने या फिर निर्दलीय की वापसी? दिसंबर में होगा फैसला
बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ में अध्यक्ष पद रिक्त होने के बाद दिसंबर 2026 में प्रस्तावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण सहित चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी तैयारियां आगे बढ़ने के साथ ही संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

पिछले चुनाव में निर्दलीय दामोदर प्रसाद दुबे ने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को पीछे छोड़कर अध्यक्ष पद हासिल किया था। बाद में उनके कई आरोपों को लेकर हुई कार्रवाई के बाद उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। अब रिक्त अध्यक्ष पद के लिए होने वाला उपचुनाव बिलाईगढ़ की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा के सामने खाता खोलने की चुनौती –
भाजपा इस बार मजबूत स्थानीय चेहरे के साथ अध्यक्ष पद हासिल करने की कोशिश करेगी। यदि पार्टी को नगर में स्वीकार्य और मजबूत जनाधार वाला उम्मीदवार मिलता है तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। बिलाईगढ़ में भाजपा अध्यक्ष पद का खाता खोल पाएगी या नहीं, इस पर भी निगाहें रहेंगी।
कांग्रेस के सामने वापसी की चुनौती –
कांग्रेस भी अध्यक्ष पद पर वापसी के लिए मजबूत प्रत्याशी की तलाश में होगी। स्थानीय संगठन, उम्मीदवार की पकड़ और नगर के मुद्दे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
वहीं, यदि कोई प्रभावशाली निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरता है तो मुकाबला सीधे भाजपा-कांग्रेस तक सीमित न रहकर त्रिकोणीय हो सकता है। पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत इसका उदाहरण है।
स्थानीय मुद्दे बनेंगे चुनाव का आधार –
सड़क, नाली, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट, विकास कार्य और नगर पंचायत की कार्यप्रणाली जैसे स्थानीय मुद्दे चुनाव में प्रमुख रह सकते हैं।
तीन संभावनाएं—भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय। एक अध्यक्ष पद। दिसंबर 2026 का यह उपचुनाव बिलाईगढ़ की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण तय कर सकता है। अंतिम तस्वीर प्रत्याशियों और चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब नजरें इस बात पर हैं कि कौन मैदान में उतरता है और बिलाईगढ़ की जनता किसे अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपती है जो नगर का अधूरे विकास को पूरा कर सके.






