
*सड़क सुरक्षा प्रयासों का दिख रहा असर, जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में आई कमी*
*सड़क सुरक्षा प्रयासों का असर: दुर्घटनाएं 153 से घटकर 147, मौतें 103 से घटकर हुई 82*

*पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 21 कम मौतें, मृत्यु के मामलों में करीब 20 प्रतिशत की कमी*
*कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में और कमी लाने दिए निर्देश*
*सड़क सुरक्षा समिति के निर्णयों का मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन करने पर जोर*

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 01 अक्टूबर 2026। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती पद्मिनी भोई साहू की अध्यक्षता में आयोजित कानून व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा की समीक्षा बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति और पिछले वर्षों के तुलनात्मक आंकड़ों की समीक्षा की गई। बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में चालू वर्ष 2026 के प्रथम आठ महीनों में सड़क दुर्घटनाओं के प्रकरणों के साथ ही दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी दर्ज की गई है। कलेक्टर ने इस कमी को आगे भी बनाए रखने और सड़क दुर्घटनाओं तथा उनमें होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को समन्वित रूप से ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, यातायात व्यवस्था, दुर्घटना संभावित स्थानों तथा सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में लिए गए निर्णयों और पूर्व में दिए गए निर्देशों का मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। केवल निर्णय लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई करें और आगामी बैठक में उसके परिणाम भी प्रस्तुत करें।
*आठ महीनों में 21 कम मौतें, मृत्यु के मामलों में करीब 20 प्रतिशत की कमी*

कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक मृत्यु को रोकने का प्रयास महत्वपूर्ण है। इसके लिए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग नियमित निगरानी करते हुए बैठक में लिए गए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही नागरिक भी निर्धारित गति सीमा, हेलमेट, सीट बेल्ट सहित सभी यातायात नियमों का पालन कर सड़क सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अगस्त 2025 के दौरान जिले में 153 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 103 लोगों की मृत्यु और 93 लोग घायल हुए थे। वहीं जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान 147 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 82 लोगों की मृत्यु और 145 लोग घायल हुए। इस प्रकार पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दुर्घटना के 6 प्रकरण कम हुए हैं, जबकि सड़क हादसों में 21 कम लोगों की मृत्यु हुई है। मृत्यु के मामलों में करीब 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि घायलों की संख्या में वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए बैठक में दुर्घटनाओं की संख्या के साथ घायलों की संख्या कम करने के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना पर जोर दिया गया।
वर्ष 2024 के प्रथम आठ महीनों में जिले में 129 दुर्घटनाओं में 82 लोगों की मृत्यु तथा 152 लोग घायल हुए थे। बैठक में इन आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं के स्वरूप और कारणों का विश्लेषण कर उसके अनुरूप रोकथाम के उपाय करने के निर्देश दिए गए।
*दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष ध्यान, नियमों का कड़ाई से कराएं पालन*

कलेक्टर पद्मिनी भाई साहू ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान और वहां आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने, संकेतक एवं चेतावनी बोर्ड लगाने, आवश्यक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था तथा सड़क संबंधी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण करने और जिस स्थान पर बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी, परिवहन, पुलिस और अन्य विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा ने यातायात नियमों के प्रभावी पालन के साथ तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने, नशे की स्थिति में वाहन चलाने, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने तथा सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई पर जोर दिया। इसके साथ ही वाहन चालकों और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा सड़क सुरक्षा संबंधी अभियान को निरंतर जारी रखने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रचलित नियमों तथा न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों एवं दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क अभियांत्रिकी सुधार, यातायात नियमों का पालन, प्रवर्तन और जन-जागरूकता को एक साथ प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और दुर्घटना की सूचना मिलने पर त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अमले के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।



