
संदिग्ध मरीजों की विशेषज्ञों द्वारा हुई काउंसलिंग

शिविर के दौरान केवल बीमारियों की पहचान ही नहीं की गई, बल्कि चिन्हित और संदिग्ध पाए गए सभी मरीजों की विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विशेष काउंसलिंग भी की गई। डॉक्टरों ने मरीजों को बीमारी से न घबराने की समझाइश देते हुए आगे के उन्नत इलाज के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही शिविर में आए अन्य आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सामान्य जांच के तहत बीपी, शुगर और बीएमआई भी मापा गया।

बीमारी की शुरुआती चरण में पहचान से सफल इलाज पूरी तरह संभव
शिविर में बस्तर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को अगर शुरुआती चरण में ही पहचान लिया जाए, तो इसका सफल इलाज पूरी तरह संभव है। आज के शिविर का मुख्य उद्देश्य यही था कि लोगों को उनके क्षेत्र में ही विशेषज्ञ जांच मिल सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आज जो भी मरीज चिन्हित या संदिग्ध पाए गए हैं, उन्हें आगे के इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग शासन की योजनाओं के माध्यम से उनका निःशुल्क और उत्तम उपचार सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मरीजों की होगी निरंतर ट्रैकिंग एवं फॉलो-अप
बालको मेडिकल सेंटर की अत्याधुनिक मोबाइल वैन के सहयोग से की गई सघन स्क्रीनिंग के बाद, जिला एनसीडी सेल द्वारा इन सभी मरीजों की निरंतर ट्रैकिंग और फॉलो-अप किया जाएगा ताकि उन्हें त्वरित और समुचित इलाज मिल सके। इस कार्यक्रम को सफल बनाने और इसके बेहतर प्रबंधन में शहरी कार्यक्रम प्रबंधक पीडी बस्तियां, गैर संचारी रोग के जिला सलाहकार हनी गॉटलिब सहित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ, मितानिनों और अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी सक्रिय और बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



