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*स्कूल की बगिया से बच्चों की थाली तक पहुँची जैविक सब्जियाँ*

बिलाईगढ़। विद्यालय की बगिया में लहलहाती सब्जियाँ जब बच्चों की थाली तक पहुँचती हैं, तो वह केवल भोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और प्रकृति से जुड़ने का संदेश भी देती हैं। शासकीय प्राथमिक विद्यालय बांसउरकुली विकास खण्ड बिलाईगढ़ जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ में किचन गार्डन के माध्यम से इसी सोच को साकार किया जा रहा है। विद्यालय परिसर में उगाई जा रही ताजी हरी सब्जियों का उपयोग मध्याह्न भोजन में किया जा रहा है।

विद्यालय के किचन गार्डन में कद्दू, तरोई, भिंडी और बरबट्टी जैसी हरी सब्जियाँ बिना रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के जैविक विधि से उगाई जा रही हैं। इससे बच्चों को ताजी सब्जियाँ उपलब्ध होने के साथ पौष्टिक आहार, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण का महत्व भी समझने का अवसर मिल रहा है।

प्रधान पाठक विनोद कुमार डड़सेना के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल में शिक्षक शिवकुमार बंजारे, सरिता कहार एवं ज्योति खड़िया का सहयोग सराहनीय है। वहीं, इको क्लब प्रभारी शिक्षक जीतेन्द्र गिरि गोस्वामी पर्यावरण संरक्षण और विद्यालय परिसर को हरित बनाने की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से किचन गार्डन बच्चों के लिए व्यावहारिक शिक्षा का माध्यम बन रहा है।

विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त को ‘एक गमला शहीदों के नाम’ अभियान के तहत वीर शहीदों की स्मृति में पौधारोपण भी किया गया। इस पहल के माध्यम से बच्चों को देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान के साथ पौधों की देखभाल और हरियाली का महत्व समझाने का प्रयास किया गया।

*उल्लेखनीय है कि प्रधान पाठक विनोद कुमार डड़सेना को किचन गार्डन विकसित करने का पूर्व अनुभव भी रहा है। इसके पहले वे अपने पदस्थापना वाले विद्यालय शासकीय प्राथमिक शाला कारीपाठ में सत्र 2024-25 के दौरान किचन गार्डन के माध्यम से लगभग तीन क्विंटल प्याज का उत्पादन कर चुके हैं।* उनका यह अनुभव विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और बच्चों के पोषण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

शासकीय प्राथमिक शाला बांसउरकुली की ये पहलें बताती हैं कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों में स्वस्थ आदतें, श्रम के प्रति सम्मान, देशप्रेम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने का भी स्थान है।

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