*शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन: जिसे भगवान का प्रेम प्राप्त हो वह भाग्यशाली है, कालों के काल हैं भगवान शिव – पवन कुमार महराज*

▪️नगर भटगांव के केसरवानी मंगल भवन में विशाल शिव महापुराण कथा एवं महारुद्राभिषेक कथा का आयोजन हो रहा है
भटगांव -दूसरे दिन शुक्रवार को व्यास पीठ के श्री श्री 1008 श्री पवन कुमार महराज जी ने कहा कि जिसे भगवान का प्रेम प्राप्त हो वह भाग्यशाली है। भगवान के विषय में जानने के लिए जिज्ञासु हो वह भाग्यवान है। हम लोग जिस कलयुग में जी रहे हैं इस युग में बड़े बड़े महात्माओं ने गहरा चिंतन किया है।जो भक्ति को धारण करता है। वह कलयुग के प्रभाव से बच जाता है। जीवन में तीन ताप परेशान करें तोभगवान का निकट पहुंच जाएं जिससे हमें तीनों ताप से छुटकारा मिलता है। महराज जी ने कहा कि तब तक कलयुग के पाप परेशान करेंगे जब तक शिवपुराण हमारे जीवन में शामिल न हो जाए यही शिवपुराण की महिमा है। भगवान शंकर जी मंगल राशि हैं। उनका नाम और ध्यान भी मंगलमय है । शिव जैसा समान दृष्टा कौन होगा महादेव देवों और दैत्य के लिएसदा कृपा वन्त रहते हैं। श्रावण मास पावन अवसर पर नगर भटगांव में श्री श्री 1008 श्री पवन कुमार महराज के व्यास पीठ से चल रही श्री शिव महापुराण कथा एवं महारुद्राभिषेक के दूसरे दिन (14 अगस्त 2026) केसरवानी मंगल भवन भटगांव में भारी जनसैलाब उमड़ा जहां शिव महिमा और हर हर महादेव के जयकारों से पूरी नगरी गुंज उठी। कथा के दूसरे दिन वहीं कथा वाचक ने बताया कि भगवान शिव अजर अमर और कालो के काल हैं। उनका स्मरण मात्र ही मनुष्य को तीनों तापो दुखों से छुटकारा दिलाता है। वहीं कथा वाचक ने व्याश पीठ से कल्याणकारी संदेश देते हुए कलयुग के प्रभाव से बचने के लिए शिव भक्ति को अपने जीवन में उतारने और सत्कर्म करने का आह्वान किया। आज की कथा में इनकी रही मुख्य उपस्थिति यजमान अंजू पुष्पराज केसरवानी, पूजा दुर्गेश केसरवानी, प्रवेश दुबे अधिवक्ता एवं पार्षद, सतीश केसरवानी, टेकचंद केसरवानी, आचार्य अनुराग दुबे, आचार्य पवन दुबे, पत्रकार रूपनारायण ठाकुर, धर्मेन्द्र साहू, रामदुलार साहू योग शिक्षक विजय साहू, शिक्षक अरुण देवांगन, शिक्षक संजीव राजेत्री साईं सेवा समिति के सदस्य पंकज दुबे, प्रदीप केसरवानी (छाया), सेवा निवृत्त शिक्षक बीएल चंद्राकार, निरंजन देवांगन, लाला राम साहू, सामाजिक कार्यकर्ता बुद्धेश्वर पटेल, बुधराम देवांगन इत्यादि सम्मिलित हुए।

