छत्तीसगढ़सारंगढ़

धान खरीदी में लापरवाही और अवैध धान पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

धान खरीदी में लापरवाही और अवैध धान पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में तैयारियों की समीक्षा की; चेकपोस्टों पर तीन पालियों में होगी निगरानी

15 नवंबर से 95 केन्द्रों पर शुरू होगी खरीदी, व्यवस्था अधूरी मिलने पर संबंधित अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 3 नवंबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने आज समय-सीमा की बैठक में समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी हों और किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो। अवैध धान परिवहन, भंडारण और उपार्जन केन्द्रों में बाहरी धान खपाने के प्रयासों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक चलेगी।

धान के अवैध आवक रोकने के लिए कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा ने आदेश क्रमांक 866 जारी कर चेकपोस्टों पर अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की है। चेकपोस्टों पर तीन पालियों में जांच की व्यवस्था रहेगी—सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात 10 बजे तक और रात 10 से सुबह 6 बजे तक। कलेक्टर ने पुलिस, राजस्व, आबकारी और खाद्य सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से निगरानी करने तथा संदिग्ध वाहनों और धान के परिवहन की जांच करने के निर्देश दिए। अन्य राज्यों या जिलों से धान लाकर किसानों के पंजीयन की आड़ में बेचने अथवा उपार्जन केन्द्रों में खपाने की कोशिश पर वाहन और धान जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अनुविभागीय अधिकारियों के निर्देशन में तहसीलवार उड़नदस्ता दल भी निगरानी करेंगे। इन दलों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक तथा मंडी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। कलेक्टर ने दलों को नियमित जांच कर कार्रवाई की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने के निर्देश दिए। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील उपार्जन केन्द्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। वहां तैनात अधिकारियों को खरीदी शुरू होने से पहले स्थल निरीक्षण कर कमियां दूर कराने और ड्यूटी के दौरान सक्रिय रहने को कहा गया है।

खरीदी केन्द्रों की तैयारियों के लिए 29 अक्टूबर को कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों ने अनुविभागीय अधिकारियों, खाद्य, सहकारिता एवं मंडी विभाग के अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों को खरीदी प्रक्रिया और निर्धारित व्यवस्थाओं की जानकारी दी थी। आज की समीक्षा में कलेक्टर ने तैयारियों की स्थिति परखते हुए निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाए।

 

जिले में कुल 95 धान उपार्जन केन्द्र हैं। इनमें सारंगढ़ विकासखंड के 30, बरमकेला के 27 और बिलाईगढ़ के 38 केन्द्र शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी केन्द्रों पर तौल मशीनों का समय पर सत्यापन कराने, आर्द्रतामापक यंत्र उपलब्ध रखने और खराब यंत्रों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। प्रत्येक केन्द्र में सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रहने चाहिए। खरीदी प्रक्रिया पर राज्य, जिला और विकासखंड स्तर से निगरानी की जाएगी। केन्द्रों में व्यवस्था अधूरी मिलने या कैमरे बंद पाए जाने पर संबंधित अधिकारी तत्काल सुधार कराएं।

किसानों की सुविधा के लिए ‘तुहर टोकन’ मोबाइल एप से टोकन लेने की व्यवस्था रहेगी। किसान समिति में पहुंचकर भी टोकन प्राप्त कर सकेंगे। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार दो एकड़ तक के किसानों को एक, दो से दस एकड़ तक के किसानों को दो और दस एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन टोकन की सुविधा दी गई है। कलेक्टर ने टोकन व्यवस्था और खरीदी की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी किसानों तक पहुंचाने तथा केन्द्रों में अनावश्यक प्रतीक्षा की स्थिति न बनने देने को कहा।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीदी व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें, चेकपोस्टों और उपार्जन केन्द्रों पर तैनात अमला निर्धारित समय पर उपस्थित रहे तथा अवैध परिवहन की सूचना मिलने पर तत्काल जांच और कार्रवाई की जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी, अपर कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!