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जवानों के लिए बच्चों ने बनाए गोबर के दीये, कलेक्टर को किए भेंट

जवानों के लिए बच्चों ने बनाए गोबर के दीये, कलेक्टर को किए भेंट

दीयों को सेना के जवानों तक पहुंचाने के लिए उचित माध्यम उपलब्ध कराने का कलेक्टर ने दिया आश्वासन

 

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 3 नवंबर 2026। दीपावली पर सीमा पर तैनात जवानों तक बच्चों का स्नेह और शुभकामनाएं पहुंचाने के उद्देश्य से सारंगढ़ विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला दहिदा के विद्यार्थियों ने गोबर से पर्यावरण-अनुकूल दीये तैयार किए। बच्चों और समुदाय की ओर से ये दीये कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू को भेंट किए गए। कलेक्टर ने दीयों को देश के सेना के जवानों तक पहुंचाने के लिए उपयुक्त माध्यम और व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।

राज्यपाल से सम्मानित

प्रधान पाठक प्रियंका गोस्वामी की पहल पर शुरू हुए इस कार्य में विद्यार्थियों के साथ विद्यालय के शिक्षक, बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सहभागी बने। सभी ने मिलकर दीये तैयार किए। बच्चों ने उत्साह से सामग्री को आकार दिया, जबकि शिक्षकों और समुदाय के सदस्यों ने उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग दिया। इस सामूहिक प्रयास के जरिए गांव के लोगों ने जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की पहल की।

कलेक्टर को दीये भेंट करते समय बच्चों की भावना थी कि दीपावली की रोशनी सीमा पर तैनात जवानों तक भी पहुंचे। कलेक्टर ने उनके इस भाव की सराहना की और आश्वस्त किया कि दीयों को जवानों तक पहुंचाने के लिए उचित माध्यम से समन्वय किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों को यह अनुभव भी मिला कि उनका छोटा-सा प्रयास देश की रक्षा में जुटे जवानों के प्रति सम्मान का संदेश बन सकता है।

गोबर से दीये तैयार करने की पहल ने स्थानीय सामग्री के उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प को भी सामने रखा। बच्चों ने रचनात्मक गतिविधि के साथ सामूहिक श्रम, सहयोग और जिम्मेदारी का अनुभव किया। बिहान समूह की महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने इसे विद्यालय तक सीमित न रखकर पूरे समुदाय का प्रयास बना दिया।

दहिदा में तैयार किए गए ये दीये बच्चों की मेहनत, गांव की सहभागिता और जवानों के प्रति सम्मान के प्रतीक हैं। कलेक्टर के आश्वासन के बाद अब इन्हें सेना के जवानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जिले में सामुदायिक सहयोग से आकार ले रही यह अभिनव पहल दीपावली को सेवा, संवेदना और राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता से जोड़ती हैl

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