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कभी चलने को तरसते थे मासूम सूर्या के कदम, चिरायु योजना ने दी नई जिंदगी

*कभी चलने को तरसते थे मासूम सूर्या के कदम, चिरायु योजना ने दी नई जिंदगी*

*जन्म से टेढ़े दोनों पैर हुए सीधे, अब सामान्य बच्चों की तरह दौड़ता और खेलता है चार वर्षीय सूर्या*

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 15 अक्टूबर 2026। कभी अपने पैरों पर ठीक से चल पाने में असमर्थ चार वर्षीय मासूम सूर्या यादव आज सामान्य बच्चों की तरह दौड़ रहा है, खेल रहा है और खुशहाल बचपन जी रहा है। जन्म से दोनों पैरों में टेढ़ेपन की समस्या से जूझ रहे सूर्या के जीवन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की चिरायु योजना उम्मीद की नई किरण बनकर आई। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा की कहानी–कहानी बदलाव की’ में मासूम सूर्या की यह सफलता की कहानी संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सजगता और समय पर मिले उपचार का प्रेरक उदाहरण है।

सारंगढ़ के एक आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज सूर्या यादव जन्म से ही क्लबफुट नामक जन्मजात विकृति से पीड़ित था। उसके दोनों पैर टेढ़े होने के कारण चलने-फिरने में काफी कठिनाई होती थी। बेटे की इस परेशानी से परिवार के सदस्य उसके भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे। इसी बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रमाधि चौहान की नजर बच्चे की समस्या पर पड़ी। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की चिरायु टीम सारंगढ़ को इसकी जानकारी दी। चिरायु दल ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कर बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ भेजा, जहां चिकित्सकों की देखरेख में प्लास्टर एवं आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाओं के माध्यम से उसका नियमित उपचार किया गया।

लगातार उपचार और देखभाल का सुखद परिणाम सामने आया। सूर्या के दोनों पैरों का टेढ़ापन दूर हो गया और आज वह बिना किसी परेशानी के सामान्य बच्चों की तरह चलने-फिरने और खेलने में सक्षम है। जिस बच्चे के भविष्य को लेकर कभी परिवार चिंतित रहता था, आज उसी बच्चे को अपने पैरों पर आत्मविश्वास के साथ चलते देखकर परिजनों के चेहरे पर खुशी झलक रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर जन्मजात विकृतियों सहित विभिन्न बीमारियों की पहचान और उपचार की व्यवस्था की जाती है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रमाधि चौहान ने मासूम सूर्या के सफल उपचार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चिरायु टीम सारंगढ़ और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रति आभार जताया है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सूर्या की यह कहानी बताती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलने से जीवन की बड़ी कठिनाइयों को दूर किया जा सकता है। कभी चलने के लिए संघर्ष करने वाले मासूम सूर्या के कदम अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उसके चेहरे की मुस्कान और खेलते हुए कदम ही ‘सेवा की कहानी–कहानी बदलाव की’ की वास्तविक पहचान हैं।

 

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