
* के सम्मान और सुरक्षा को नई पहचान, जिले के शत-प्रतिशत स्कूलों में होगी शौचालय सुविधा*
*‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत 2.75 करोड़ रुपए से बनेंगे 65 बालिका शौचालय*
*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल को मिली गति, ग्राम खिचरी में पहला शौचालय बनकर तैयार*
*कलेक्टर के निर्देशन में संतृप्ति अभियान के रूप में हो रहा कार्य, गुणवत्ता पर विशेष जोर*

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 15 अक्टूबर 2026। बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वच्छता और आत्मसम्मान को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले में धरातल पर साकार हो रही है। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिले के शत-प्रतिशत विद्यालयों में आवश्यक शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने के लिए संतृप्ति अभियान के रूप में कार्य किया जा रहा है। ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत विकसित भारत–जी राम जी (विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन ग्रामीण) योजना से 2 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से 65 बालिका शौचालयों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन सतत निगरानी में निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम खिचरी में पहला बालिका शौचालय बनकर तैयार हो गया है।
*मुख्यमंत्री की पहल से विद्यालयों में बेटियों की सुविधाओं को प्राथमिकता*

प्रदेश के विद्यालयों में बालिका शौचालयों की कमी का विषय संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार की पहल की। मुख्यमंत्री की मंशा है कि किसी भी बेटी को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में शिक्षा प्राप्त करने में असुविधा न हो। इस संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत शौचालय विहीन विद्यालयों में प्राथमिकता से निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए। इस पहल से ग्रामीण अधोसंरचना के विकास के साथ बालिकाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
*शत-प्रतिशत विद्यालयों को शौचालय सुविधा से संतृप्त करने का लक्ष्य*
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने जिला शिक्षा अधिकारी से शौचालय विहीन विद्यालयों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्माण कार्यों की कार्ययोजना तैयार कराई। इसके आधार पर प्रथम चरण में 65 बालिका शौचालय स्वीकृत किए गए हैं। जिले के प्रत्येक विद्यालय में आवश्यकता के अनुरूप शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ शेष विद्यालयों की स्थिति और आवश्यकताओं के आधार पर भी कार्य किया जा रहा है।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मापदंडों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि बालिका शौचालय केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं, बल्कि बेटियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, आत्मसम्मान और नियमित शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण आवश्यकता है। प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिला पंचायत सीईओ श्री ऋषिकेश तिवारी निर्माण कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने तकनीकी अधिकारियों और मैदानी अमले को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा तथा आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के अंतर्गत ग्राम खिचरी में तैयार बालिका शौचालय इस पहल की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आकर्षक गुलाबी रंग से सुसज्जित शौचालय में स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। विद्यालय में अलग शौचालय की उपलब्धता से छात्राओं को सुविधा मिलेगी। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्थाओं का विस्तार बालिकाओं के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और नियमित विद्यालय उपस्थिति को प्रोत्साहित करने में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान को जिला प्रशासन प्राथमिकता से आगे बढ़ा रहा है। स्वीकृत 65 बालिका शौचालयों के निर्माण के साथ जिले के शत-प्रतिशत विद्यालयों में आवश्यक शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य बेटियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

