
भटगांव में धूमधाम से मना रक्षाबंधन, भाई-बहन के प्रेम का दिखा अनोखा संगम
सावन की फुहारों के बीच भीगी राखी, नहीं भीगा प्यार – सारंगढ़ में दिखा रक्षाबंधन का उत्साह
सारंगढ़ / भटगांव। नगर सहित अंचल में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही बहनों का अपने मायके और भाइयों के घरों की ओर आना-जाना लगा रहा। इस बार भद्रा का साया न होने से बहनों ने सुबह 6 बजे से ही भाइयों की कलाई पर राखी बांधनी शुरू कर दी।

बाजार में एक दिन पूर्व और सुबह से मिठाई दुकानों पर भीड़ देखी गई। बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना कर मुंह मीठा कराया, वहीं भाइयों ने बहनों को रक्षा का वचन देकर उपहार भेंट किए। नगर के प्रमुख मंदिरों जैसे पंच मुखी शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, शीतला मंदिर, शनि मंदिर, साईं मंदिर, दुर्गा मंदिर एवं गायत्री मंदिर में भी भीड़ रही।



नगर के कई स्कूलों में गुरुवार को ही रक्षाबंधन पूर्व कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां छात्राओं ने छात्रों को स्वयं से बनाई हुई राखियां बाँधी. तो पुलिस जवानों, सफाई कर्मियों और शिक्षकों को उसके स्टॉफ ने और महिला समूह के सदस्यों ने राखी बांधी। नगर मे संचालित लोटस पब्लिक स्कूल, सीपीएन स्कूल, विवेकानंद पब्लिक स्कूल, श्री नारायण पब्लिक स्कूल, जे. पी. पब्लिक स्कूल बेल्टकरी, दिशा पब्लिक स्कूल रोहिना इत्यादि विद्यालयों मे राखी मेकिंग प्रतियोगिता के साथ रक्षाबंधन का पर्व धूम धाम से मनाया गया. वहीं प्रज्ञा इंस्टिट्यूट व प्रखर कंप्यूटर एजुकेशन के डायरेक्टर व युवा पत्रकार के. पी. पटेल को उनके 21 बहनों ने राखी बांधकर सुरक्षा का वचन लिया और हर सुख दुःख मे साथ निभाने का संकल्प लिया.

पुलिस प्रशासन द्वारा भीड़ को देखते हुए मुख्य चौक और बस स्टैंड पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए थे। डाकघर में भी वाटरप्रूफ लिफाफे में राखियां भेजने के लिए अंतिम दिन तक भीड़ रही।
सावन की फुहारों के बीच भीगी राखी, नहीं भीगा प्यार – सारंगढ़ में दिखा रक्षाबंधन का उत्साह
जिले भर में रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया गया। कई बहनें जो विदेश व बाहर नौकरी कर रहे भाइयों तक नहीं पहुंच पाईं, उन्होंने डाक और ऑनलाइन राखी भेजकर प्यार जताया।

नगर के कई स्कूलों में गुरुवार को ही रक्षाबंधन पूर्व कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां छात्राओं ने पुलिस जवानों, सफाई कर्मियों और शिक्षकों को राखी बांधी। ईको-फ्रेंडली और बीज वाली राखियों की इस बार सबसे ज्यादा मांग रही।




