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जिले सहित भटगांव एवं आसपास के निजी स्कूल के शिक्षक चला रहे है अवैध कोचिंग का व्यवसाय,

कोचिंग, कंप्यूटर सेंटर, स्कूल एवं कॉलेज मे बच्चों के सुरक्षा क़ो लेकर कोई व्यवस्था नहीं

जिले सहित भटगांव एवं आसपास के निजी स्कूल के शिक्षक चला रहे है अवैध कोचिंग का व्यवसाय

कोचिंग, कंप्यूटर सेंटर, स्कूल एवं कॉलेज मे बच्चों के सुरक्षा क़ो लेकर कोई व्यवस्था नहीं

स्कूल के बच्चों क़ो स्कूल के ही टीचर मोटी रकम लेकर करा रहे है कोचिंग

निःशुल्क या एक्स्ट्रा क्लास लेने के बजाय स्कूल से इनकम कमाने मे लगे शिक्षक

संचालक से लेकर प्राचार्य व शिक्षक संलिप्त

कोचिंग क़ो बनाया एक्स्ट्रा इनकम का साधन

स्कूल के 4-5 शिक्षक स्कूल के आड़ मे कर रहे है अवैध कोचिंग का धंधा

कई शिक्षक स्कूल मे तो कई शिक्षक अपने घर या किराये के मकान, सामाजिक भवन मे चला रहे है अवैध कोचिंग का व्यवसाय

भटगांव सहित आसपास क्षेत्र के अधिकांश स्कूल, कोचिंग एवं कंप्यूटर सेंटर, कॉलेज मे बच्चों के सुरक्षा क़ो लेकर कोई व्यवस्था नहीं

शासन प्रशासन की उदासीनता से लखनऊ एवं राजस्थान जैसे घटना का इंतजार कर रहे है अधिकारी

जगदलपुर मे 40, मुंगेली एवं भिलाई मे 20 से अधिक कोचिंग एवं कंप्यूटर सेंटर क़ो नोटिस

छत्तीसगढ़ शासन ने अधिकारीयों क़ो निरीक्षण करने का दिया निर्देश

सारंगढ़ बिलाईगढ़ :जिले सहित नगर पंचायत भटगांव एवं आसपास क्षेत्र मे कोचिंग क्लासेस की मानो बाढ़ सी आ गई है. कहीं निजी स्कूल के शिक्षक तो कहीं अतिथि शिक्षक या शासकीय शिक्षक भी अवैध रूप से कोचिंग का व्यवसाय कर रहे है जो शासन के नियम एवं RTE अधिनियम के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है. बिना रजिस्ट्रेशन एवं बिना सुरक्षा के अवैध कोचिंग का संचालन हो रहा है जहाँ अधिकारीगण भी मौन नजर आ रहे है जबकि इसी कमियों के के कारण देश मे दो बार घटना घट चुकी है जहाँ हाल ही मे लखनऊ मे संचालित क्लासेस मे अचानक आग लगने से 15 स्टूडेंट की मौत हो गई और वहीँ राजस्थान मे घटना पानी भरने के कारण घटना घटी थी जहाँ बहुत सारे स्टूडेंट की मौत हो गई थी तत्पश्चात कई राज्यों ने इस प्रकार के अवैध कोचिंग पर लगाम लगा रहे है. वहीँ जगदलपुर मे 40 कोचिंग सेंटर, मुंगेली एवं भिलाई मेभी 20 से अधिक कोचिंग सेंटर व कंप्यूटर सेंटर जो बिना रजिस्ट्रेशन एवं बिना सुरक्षा व रख रखाव न होने पर नोटिस जारी किया गया है.

अधिकांश स्कूल के शिक्षक स्कूल के आड़ मे कोचिंग खोले हुए तो कई संचालक, प्राचार्य एवं शिक्षक ही स्कूल क़ो कोचिंग का अड्डा बना डाले है जहाँ संयुक्त रूप से मोटी रकम लेकर अवैध कोचिंग का संचालन कर रहे है. चाहते तो स्कूल मे ही कमजोर या जरुरतमंद बच्चों क़ो उनके डाउट के हिसाब से अतिरिक्त क्लास लगाकर निःशुल्क कोचिंग दे सकते थे जिससे बच्चों एवं पालको क़ो अतिरिक्त भार नहीं पड़ता जबकि सभी पालक ऐसी ही निजी स्कूल के फीस एवं महंगी पुस्तकों से परेशान है और अब निजी स्कूल मे पढ़ाने के बाद भी स्कूल की क्वालिटी मेंटेन नहीं कर पा रहे है जिससे निजी स्कूल के बच्चों क़ो भी कोचिंग की जरुरत पड़ जा रही है इससे स्कूल की पढ़ाई मे कई सवाल खड़े कर रहे है जैसे स्कूल के शिक्षक का सही ढंग से न पढ़ाना, स्कूल के आड़ मे अतिरिक्त इनकम लेना, प्रैक्टिकल परीक्षा मे अच्छे अंको का लालच देना, स्कूल के टीचर द्वारा संचालित उसके स्कूल के ही बच्चों क़ो अधिक ध्यान देना और उन्हें ही प्रोत्साहित करना, ऐसे कई कारण है जो उस स्कूल के शिक्षक के पास कोचिंग जाने का कारण है.

यदि समय रहते ऐसे स्कूल शिक्षक चाहें निजी स्कूल के शिक्षक हो या अतिथि शिक्षक या फिर शासकीय शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही नहीं किया गया तो अतिशीघ्र स्कूल के शिक्षक के हौसले बुलंद रहेंगे और स्कूल के आड़ मे अवैध कोचिंग का संचालन करते रहेंगे . स्कूल के संचालक, प्राचार्य एवं पालको क़ो इस ओर ध्यान देने की जरुरत है जिससे बच्चों एवं पालको क़ो अतिरिक्त भार न पड़े और स्कूल मे ही अच्छे पढ़ाई हो ताकि सभी बच्चों का एक साथ समुचित विकास हो सके.

वहीँ हमारा टीम अधिकांश कोचिंग, कंप्यूटर सेंटर एवं स्कूल मे निरीक्षण किया तो पता चला कि बिना रजिस्ट्रेशन, बिना सुरक्षा जैसे सीसीटीवी एवं फायर सेफ्टी इत्यादि का न होना पाया गया यहाँ तक बच्चों का रजिस्ट्रेशन, न ही अटेंडेंस का होना पाया गया वहीँ कई स्कूल मे तो न कैमेरा लगा है न हीं कहीं पर सेफ्टी फायर सामान दिखा. अब आप सोच सकते है कि आपके बच्चे कितने असुरक्षित है जहां पालक भी ध्यान नहीं देते है और इस प्रकार कहीं घटना हो जाती है तो उस समय पछताते है कि अपने बच्चों के लिए सुरक्षा का ध्यान देना था तो उस समय बहुत देर हो जाती है जैसे लखनऊ और राजस्थान मे घटना घटी. क्षेत्र मे केवल प्रज्ञा इंस्टिट्यूट, सक्सेस कोचिंग क्लासेस, आर्बीट कंप्यूटर इंस्टिट्यूट, प्रखर कंप्यूटर एजुकेशन, आईसेक्ट कंप्यूटर सेंटर का ही रजिस्ट्रेशन है और वहीँ सभी प्रकार की सुविधा के साथ क्लासेस संचालित है बाकि कोचिंग संस्थानों एवं कंप्यूटर सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन एवं सुविधा के साथ संचालित है. जिसके ऊपर शासन प्रशासन की गाज कभी भी गिर सकती है.

वहीँ शासन प्रशासन की भी उदासीनता है जहां स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, कंप्यूटर क्लासेस एवं अन्य प्रशिक्षण केन्द्रो क़ो समय समय पर निरीक्षण नहीं करते जिससे आये दिन कुछ न कुछ घटना घटते रहती है.

वहीँ लखनऊ एवं राजस्थान मे घटना घटने के बाद छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारीयों क़ो निरीक्षण करने का निर्देश दिया जहाँ जगदलपुर मे 40 कोचिंग सेंटर एवं मुंगेली के कोचिंग एवं कंप्यूटर सेंटर क़ो अधिकारीयों ने निरीक्षण कर नोटिस थमाया.

अब देखना लाजमी होगा कि छत्तीसगढ़ के जितने प्रशिक्षण संस्थान, शिक्षण केंद्र, कोचिंग सेंटर, स्कूल, कॉलेज एवं कंप्यूटर सेंटर है वहां अधिकारीगण निरीक्षण कब करते है और क्या कार्यवाही करते है कि छत्तीसगढ़ मे भी कोई घटना का इंतजार करते नजर आते है ये आने वाला समय ही बताएगा.

भटगांव एवं आसपास क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज, कोचिंग एवं कंप्यूटर सेंटर का नाम प्रकाशित नहीं किया गया है ताकि न्यूज़ प्रकाशन के पश्चात कुछ सुधार हो सके और स्वयं अपने विवेक पर कमियों क़ो पूरा कर सके. समय पर पूरा नहीं होने पर ऐसे संस्थानों के खिलाफ हमारा टीम नाम सहित न्यूज़ प्रकाशन कर अधिकारीयों क़ो अवगत कराएगी ताकि समय रहते भविष्य मे बच्चों के अमूल्य जीवन के साथ कोई दुर्घटना या अनहोनी न घटे.

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