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सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव के एरियर भुगतान संबंधी समाचार भ्रामक एवं तथ्यों से परे,

सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव के एरियर भुगतान संबंधी समाचार भ्रामक एवं तथ्यों से परे,

CHMO ने किया खंडन एवं स्पष्टीकरण

 

सारंगढ़-बिलाईगढ़, जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव के वेतन एरियर भुगतान को लेकर प्रसारित समाचार में लगाए गए आरोप एकपक्षीय, अपुष्ट तथा भ्रामक प्रतीत होते हैं। संबंधित समाचार में जिन तथ्यों के आधार पर संदेह व्यक्त किया गया है, वे शासकीय वित्तीय प्रक्रियाओं की वास्तविक व्यवस्था को पूर्ण रूप से प्रदर्शित नहीं करते।

ज्ञातव्य है कि किसी भी शासकीय कर्मचारी का लंबित वेतन अथवा एरियर भुगतान केवल संबंधित कर्मचारी की इच्छा या निर्देश से नहीं होता, बल्कि निर्धारित वित्तीय नियमों, सेवा अभिलेखों, वेतन सत्यापन, आहरण-संवितरण प्रक्रिया तथा कोषालय परीक्षण के उपरांत ही संभव होता है। भुगतान प्रक्रिया में कार्यालय प्रमुख, लेखा शाखा, आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) तथा कोषालय सहित कई स्तरों पर परीक्षण एवं अनुमोदन की व्यवस्था रहती है।

यदि किसी कर्मचारी का वेतन किसी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा अभिलेखीय कारणों से लंबित रह जाता है, तो उसके निराकरण उपरांत एरियर भुगतान किया जाना एक सामान्य शासकीय प्रक्रिया है। केवल भुगतान में विलंब होना अपने आप में किसी अनियमितता अथवा वित्तीय गड़बड़ी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

 

समाचार में यह संकेत देने का प्रयास किया गया है कि डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव ने अपने पद का दुरुपयोग कर स्वयं को लाभ पहुंचाया, जबकि इस संबंध में अब तक किसी सक्षम जांच एजेंसी, प्रशासनिक प्राधिकारी अथवा न्यायिक संस्था द्वारा कोई निष्कर्ष या आरोप सिद्ध नहीं किया गया है। बिना किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट के किसी अधिकारी की छवि को धूमिल करने वाले आरोप लगाना न केवल तथ्यात्मक रूप से अनुचित है, बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के भी विपरीत है।

 

यह भी उल्लेखनीय है कि एरियर भुगतान से संबंधित सभी अभिलेख, स्वीकृतियां, वेतन निर्धारण आदेश तथा कोषालय रिकॉर्ड शासकीय दस्तावेज हैं, जिनके आधार पर किसी भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापन किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को प्रक्रिया पर संदेह है तो वह सक्षम मंच पर तथ्य प्रस्तुत कर जांच का अनुरोध कर सकता है, किंतु जांच पूर्ण होने से पूर्व किसी अधिकारी को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

 

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन एवं शासन के नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी स्तर पर कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उसका परीक्षण नियमानुसार किया जाता है और संबंधित अभिलेख सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं।

 

अतः वर्तमान में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह कहना कि एरियर भुगतान में अनियमितता हुई है अथवा पद का दुरुपयोग किया गया है, पूर्णतः समयपूर्व एवं निराधार है। मामले में किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा कोई दोष सिद्ध नहीं किया गया है। इसलिए जनसामान्य से अनुरोध है कि अपुष्ट एवं एकपक्षीय सूचनाओं के आधार पर भ्रमित न हों तथा केवल आधिकारिक जांच एवं तथ्यात्मक निष्कर्षों पर ही विश्वास करें।

 

– मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़)

 

संक्षिप्त मीडिया प्रतिक्रिया:

“डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव के एरियर भुगतान संबंधी सभी प्रक्रियाएं शासन के प्रचलित नियमों एवं वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप संपादित हुई हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता सिद्ध नहीं हुई है। समाचार में लगाए गए आरोप एकपक्षीय हैं तथा सक्षम जांच के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।”

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