छत्तीसगढ़सारंगढ़

मुख्यमंत्री से छ. ग. राज्य प्राइवेट स्कूल मनेजमेंट एसोसिएशन ने की पाठ्य पुस्तक निगम के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग 

मांग पूरा नहीं करने और लापरवाह अधिकारीयों पर कार्यवाही नहीं करने पर आंदोलन करने की चेतावनी 

मुख्यमंत्री से छ. ग. राज्य प्राइवेट स्कूल मनेजमेंट एसोसिएशन ने  की राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग 

मुख्यमंत्री के नाम से कलेक्टर क़ो 8 बिन्दुओ पर सौंपा ज्ञापन

मांग पूरा नहीं करने और लापरवाह अधिकारीयों पर कार्यवाही नहीं करने पर आंदोलन करने की चेतावनी 

 

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : छ. ग. राज्य प्राइवेट स्कूल मनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा छ. ग.राज्य पाठ्य पुस्तक के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करने हेतु मुख्यमंत्री के नाम से कलेक्टर क़ो ज्ञापन सौंपा है. जहाँ छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही करने एवं अशासकीय विद्यालयों को संकुल स्तर पर पुस्तके पहुंचाकर देने के विषय संदर्भ मे छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ आह्नान पर ज्ञापन सौंपा गया.जहाँ 8 बिन्दुओ पर शिकायत व मांग किया गया.

01. राज्य शासन द्वारा विगत कई वर्षों से राज्य के सभी विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तक नियत तिथि पर सुचारू रूप से शासकीय विद्यालय को संकुल स्तर पर तथा अशासकीय को जिला स्तर पर पहुंचा कर वितरित की जाती रही है । कभी भी पुस्तकों को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ.

02. विगत सत्र 2025-26 में पाठ्य पुस्तक निगम के अधिकारी,कर्मचारियों के हठधार्मिकता, असवेदनशीलता,लापरवा ही तथा अड़ियल रवैए के कारण अत्यंत विलम्ब से सभी विद्यालय को पुस्तके प्राप्त हुई ।(माह सितम्बर 2025 तक) जबकि कुछ विषय की पुस्तके तो सत्र के अंत तक स्कूलों को नहीं मिल पाई।

03. विगत वर्ष निगम द्वारा पूर्व चली आ रही व्यवस्था को बदलते हुए अशासकीय स्कूलों को निगम द्वारा निर्धारित 6 डिपो आधी अधूरी पुस्तक बड़ी मुश्किल से वितरण किया गया था। निगम के इस कृत्य से राज्य शासन की बहुत अधिक किरकरी हुई थी।

04.विगत वर्ष से ही पुस्तकों में बारकोड लगाकर स्कैनिंग की व्यस्था की गई उसके कारण पुस्तक प्राप्त होने के बाद भी 10 दिन तक का समय उसको स्कैन करने में लगा जिसके कारण अध्यापन के कार्य में बहुत विलम्ब हुआ।

05. पहले हुए समझौते का उल्लंघन : पाठ्यपुस्तक निगम की त्रुटिपूर्ण वितरण व्यवस्था पर एसोसिएशन ने निगम अध्यक्ष व अधिकारियों से कई दौर की चर्चा की थी। तब तय हुआ था कि आगामी नए सत्र 2026/27 से व्यवस्था ठीक कर ली जाएगी. तथा अशासकीय विद्यालय को भी संकुल स्तर पर पुस्तकें प्रदान की जाएंगी। निगम के अधिकारियों ने इस पर सहमति व्यक्त की थी। लेकिन आज समय पर नहीं हो पाया.

06. पाठ्य पुस्तक निगम के अधिकारी/कर्मचारी की असंवेदनशीलता, लापरवाही व अड़ियल रवैया यथावत जारी है। शासकीय विद्यालयों को निगम द्वारा 15 जून तक आधी-अधूरी पुस्तकें ही दी गई हैं।

07.पढ़ाई शुरू, किताबें नहीं : नवीन शिक्षा सत्र 16 जून 2026 से प्रारंभ हो गया है। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह में आयोजित की जाएंगी। आज पर्यन्त बच्चों को पुस्तकें ही नहीं मिल पाईं हैं तथा जुलाई तक सभी बच्चों को पुस्तकें मिल पाएंगी, इसकी भी कोई संभावना नहीं दिख रही। ऐसे में बच्चे पढ़ेंगे कैसे?

08. बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ : पाठ्य पुस्तक निगम का यह असंवेदनशील कृत्य राज्य के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इनका आचरण न केवल असहनीय और निंदनीय है बल्कि उत्तरदायी अधिकारियों के लिए दंडनीय भी है। राज्य शासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने से समाज में अच्छा संकेत नहीं जा रहा।

एसोसिएशन की मांग और चेतावनी :

01. वहीँ एसोसिएशन ने जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारियों को न्यायोचित दंडित करने की मांग की गई ताकि भविष्य में ऐसी गलती दुबारा न हो और ऐसी स्थिति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं जाएँ.

तथा विलंब की स्थिति में अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराएं ताकि नुकसान कम हो।

 

2. आंदोलन की चेतावनी :

– 25 जून गुरुवार को छत्तीसगढ़ के सभी अशासकीय विद्यालय में अध्यापन कार्य बंद कर प्रत्येक जिला मुख्यालय में जिलाधीश कार्यालय के सम्मुख प्रदर्शन मांग किया गया तथा ज्ञापन सौंपा गया.

वहीँ 01 से 05 जुलाई तक संकुल स्तर पर पुस्तकें नहीं मिलीं तो संचालक, शिक्षक तथा विद्यार्थियों के पालक राजधानी में व्यापक प्रदर्शन करेंगे एवं संगठन वृहद आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। वहीँ ज्ञापन सौंपने के लिए जिले के अधिकांश निजी स्कूल के संचालकगण उपस्थित रहे..

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!