
खेती में रासायनिक खाद का कम और जैविक खाद का ज्यादा उपयोग करें : राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा

खेती बचाओ अभियान और प्राकृतिक खेती कार्यशाला सम्पन्न


सारंगढ़ बिलाईगढ़, 20 जून 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूर्ण होने पर पंजीकरण शिविर और प्राकृतिक खेती कार्यशाला, खेती बचाओ अभियान, पौधरोपण का आयोजन कृषि उपज मंडी सारंगढ़ में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम के शुरुआत में प्रभारी मंत्री ने एक पेड़ मां के नाम पौधारोपण किया। साथ ही गौ ग्राम जनजागरण वाहन में गाय की प्रतिमा का पूजन कर और वाहन क़ो हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


राजस्व मंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ पंजीकरण शिविर में सभी विभाग के स्टॉल का अवलोकन किया और छत्तीसगढ़ महतारी चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किये। कार्यक्रम में किसानों ने जैविक खेती के लाभ की जानकारी साझा किये। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने किसानों क़ो जैविक खाद, हितग्राहियों क़ो राशन कार्ड प्रदान किये। कार्यक्रम के शुरुआत में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय और कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जैविक खेती क़ो बढ़ावा देने के लिए किसानों क़ो प्रेरित किया।
मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने सभा क़ो सम्बोधित करते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी भी कहते हैं कि किसानों की तरक्की से ही प्रदेश की तरक्की है। ये कृषि हमारे अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, तो किसानों की तरक्की के लिए, उनकी आमदनी को बढ़ाने के लिए आज जो पैसा अंतरण हो रहा है, ट्रांसफर कर रहे हैं, पीएम किसान में भी एक बड़ा उनका हिस्सा है और दूसरी, हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी ने जो विधानसभा में बात कही थी कि भाई हम विधानसभा में जीत के आएँगे तो मोदी जी की गारंटी को पूरा करेंगे। तो मोदी जी की गारंटी में भी इसी बात का उल्लेख था कि हम किसान भाइयों के फसल को प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी करेंगे और 21 क्विंटल यानी प्रति क्विंटल हम जो है 2100 रुपए उसका कीमत देंगे। ये किसानों की समृद्धि और उनको आत्मनिर्भर बनाने, आगे बढ़ाने के लिए है।
उन्होंने कहा कि साथ ही हमारे ऐसे भी बहुत से साथी हैं, मजदूर हैं जो खेती का काम करते हैं लेकिन उनके पास खेती नहीं है। उनके भी जीवन स्तर को उठाने के लिए, आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय मजदूर कल्याण कृषि मजदूर कल्याण योजना लागू किए हैं और ऐसे पंजीकृत हमारे प्रदेश के लगभग 5 लाख लोगों को उनके खाते में 10 हजार रुपए का ट्रांसफर किया गया है। ये किसानों और हमारे भूमिहीन मजदूरों के लिए है और आप सबको पता है कि जब हमारे डॉक्टर रमन सिंह जी मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने किसानों को ब्याज की राशि से बचाने के लिए कृषि लोन मुफ्त दिया।
आज आवश्यकता है कि हम रासायनिक खाद के प्रयोग को कम करें। अगर हम 50 साल पहले की बात करें तो लोग रासायनिक खाद का उपयोग बहुत कम करते थे, नाम मात्र करते थे। खाद खुद बनाते थे। गाय-बैल के गोबर से, केंचुआ खाद से सब हम लोग खाद बनाकर खेत में डालते थे, गाड़ी भरकर महिला में, लेकिन धीरे-धीरे उत्पादन को बढ़ाने के लिए क्या किया किसानों ने? रासायनिक खाद का उपयोग किया और इतना अंधाधुंध उपयोग किया कि उनके उत्पादन में आसमान छू लिया। जहाँ पर 8 क्विंटल, 9 क्विंटल प्रति एकड़ धान का उत्पादन होता था, आज बड़ा आश्चर्य लगता है कि 35 क्विंटल, कई लोग बोलते हैं कि हम 40 क्विंटल उत्पादन करते हैं। ये बड़ा आश्चर्य है। तो कैसे होता है ये? केवल रासायनिक खाद से। फिर मनमाने उसमें कीटनाशक दवाई करते हैं।
एक चीज विचारणीय है कि हम इतना रासायनिक खाद और कीटनाशक दवाई का उपयोग कर रहे हैं। अब जैसे पहले वक्ता ने बताया कि किसान ने कि जो चीज हम बो रहे हैं वही चीज हम खा रहे हैं। हम अनाज के साथ पूरा रासायनिक और कीटनाशक दवाई खा रहे हैं। जरा सोचिए, 50 साल पहले आदमी बीमार बहुत कम पड़ता था। हॉस्पिटल मुश्किल से ब्लॉक में एक रहता था, शहर में एक-दो हॉस्पिटल हुआ करते थे। आज हॉस्पिटल की संख्या बढ़ गई, मरीजों की संख्या बढ़ गई। जितना मेहनत करके पैसा खर्च करके हम अपने उत्पादन को बढ़ाते हैं, वही पैसा घूम-फिर करके कहाँ जाता है? हॉस्पिटल जाता है, तो हमारे सरकार का, हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी का यही है कि हम फर्टिलाइजर का उपयोग कम करें। एकाएक बंद नहीं किया जा सकता लेकिन धीरे-धीरे उसको कम करना पड़ेगा। हम रासायनिक खाद की जगह में हम जैविक खाद डालें। जैविक खाद जिसमें किसी तरह का कीटनाशक दवाई ना हो, रासायनिक ना हो। शुद्ध खाएँगे तो हमारा शरीर भी हमारा स्वस्थ रहेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि, पंजाब में फसल का सबसे ज्यादा उत्पादन होता है, लेकिन आज पंजाब में देश में सबसे ज्यादा कैंसर रोगी वही हैं। एक ट्रेन चलती है वहाँ से जिसको कैंसर ट्रेन बोलते हैं। आज हमारे छत्तीसगढ़ में भी आप देख रहे हैं, कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई लोग बोलते हैं कि ये सुपारी नहीं खाता, पान नहीं खाता, तंबाकू नहीं खाता, नशा का सेवन नहीं करता, लेकिन फिर भी इसको कैंसर हो गया। तो उसके पीछे का बात यही है कि हम किसी ना किसी रूप में, चाहे हम फल-फ्रूट के रूप में, चाहे हम अनाज के रूप में जो चीजें खा रहे हैं, रासायनिक और कीटनाशक दवाई हमारे अंदर जा रही है। उसके कारण कैंसर बहुत ज्यादा संख्या में बढ़ रहा है। बीमारी को रोकना है, शरीर को स्वस्थ रखना है, जैविक खेती। जैविक खेती करने के बहुत से नियम बताए हैं। खाद बनाने की विधि है। हमारी जो महिला स्व-सहायता समूह की हमारी माताएँ हैं, उन्होंने दिखाया कि हम कीटनाशक कैसे तैयार करते हैं, खाद कैसे तैयार करते हैं।
उन्होंने कहा, मैं सभी हमारे किसान भाइयों से यही कहना चाहूँगा कि हम जैविक खाद बनाएँ और जो प्राकृतिक संसाधन हैं – नीम है, गुड़ है, खल्ली है – उनसे जो कीटनाशक दवाइयाँ बनती हैं उनका उपयोग करें और गौ पालन की तरफ आगे बढ़ें। ये गौ जो है किसी भी देश की समृद्धि का आधार होता है। एक समय था जब गाय से ही हमारे देश में समृद्धि आती थी। गाय से गोबर भी मिलता था, उनके मूत्र से दवाई भी बनाते थे और गाय से बछड़े मिलते थे। उसी से हम हल चलाते थे। तो गाय के ऊपर आश्रित था। मैं आप सभी को आज के इस कार्यक्रम में आने के लिए बधाई भी देता हूँ, धन्यवाद देता हूँ और पुनः आग्रह हमारे किसान भाइयों से कि गौ पालन की तरफ बढ़ें, जैविक खाद का उपयोग करें।
*कार्यक्रम में शामिल अतिथिगण*
इस कार्यक्रम में शामिल अतिथि कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजय नायक, सदस्य अभिलाषा नायक, सहोदरा सिदार, जनपद पंचायत बरमकेला के विद्या चौहान, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, एसडीएम वर्षा बंसल सहित जनप्रतिनिधि ज्योति लाल पटेल, अरुण गुड्डू, भुवन मिश्रा, दुर्गा प्रसाद ठाकुर, मनोज जायसवाल, प्रकाश अग्रवाल, अमित तिवारी, हितेश अजगल्ले, रामेश्वर गोस्वामी आदि उपस्थित थे।


