भटगांव के श्री महल सिनेमा में उमड़ा जनसैलाब: ‘नमस्ते सदा वत्सले’ के साथ शुरू हुई ‘शतक’ फिल्म, गूँजते रहे वंदे मातरम के नारे
स्वयंसेवकों ने पेश की सेवा और सादगी की मिसाल राष्ट्रगान से हुई शुरुआत
भटगांव के श्री महल सिनेमा में उमड़ा जनसैलाब: ‘नमस्ते सदा वत्सले’ के साथ शुरू हुई ‘शतक’ फिल्म, गूँजते रहे वंदे मातरम के नारे
स्वयंसेवकों ने पेश की सेवा और सादगी की मिसाल राष्ट्रगान से हुई शुरुआत
नारों से गुंजायमान हुआ हॉल

भटगांव : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गौरवशाली शताब्दी वर्ष पर आधारित फिल्म ‘शतक’ के प्रदर्शन के दौरान भटगांव में राष्ट्रभक्ति का अभूतपूर्व ज्वार देखने को मिला। 6 मार्च को स्थानीय श्री महल सिनेमा में शाम 6 से 9 बजे (तीसरे शो) के दौरान स्वयंसेवकों और गणमान्य नागरिकों का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि सिनेमाघर की मर्यादा और अनुशासन देखते ही बनता था।

*राष्ट्रगान से हुई शुरुआत, नारों से गुंजायमान हुआ हॉल*
चलचित्र के प्रारंभ होने से पूर्व सिनेमाहॉल का वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और राष्ट्रमय हो गया, जब सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर अनुशासित राष्ट्रगान गाया । फिल्म के प्रदर्शन के दौरान भी दर्शकों का उत्साह चरम पर था; बीच-बीच में ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारों से पूरा श्री महल सिनेमा गूँजता रहा।

*स्वयंसेवकों ने पेश की सेवा और सादगी की मिसाल*
कार्यक्रम में अनुशासन की एक अनूठी मिसाल तब देखने को मिली जब भारी भीड़ के कारण सीटें कम पड़ गईं। व्यवस्था में लगे स्वयंसेवकों ने सबसे पहले आगंतुक माताओं, वरिष्ठ नागरिकों और बंधुओं को सम्मानपूर्वक सीटों पर बैठाया। इसके पश्चात, बिना किसी संकोच के बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हॉल की सीढ़ियों और फर्श पर बैठकर पूरे तीन घंटे तक चलचित्र का आनंद लिया।
नागरिकों ने इस फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि ‘शतक’ न केवल संघ के 100 वर्षों के सेवा कार्यों का दर्पण है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और भी दृढ़ करती है।






