कोरबाछत्तीसगढ़

कोरबा : भावनात्मक, समाजिक व सन्तुलित जीवन जीने के लिए सकारात्क सोच निर्मित करना मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ है

कोरबा : भावनात्मक, समाजिक व सन्तुलित जीवन जीने के लिए सकारात्क सोच निर्मित करना मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ है

कोरबा, 12 अक्टूबर 2026

दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपजेल कटघोरा में जेल के बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के विधिक अधिकारों के संबंध में जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में डॉ० शाश्वत व्यौहार अयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर एवं बी. के. सुमन प्रजापति ब्रम्हाकुमारी संस्था कटघोरा एवं उनके टीम ने उपस्थित अभिरक्षाधीन बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक रूप से परेशान व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा जोड़ने के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों एवं भेदभाव को दूर करने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने हेतु प्रेरित किया गया एवं बी. के. सुमन प्रजापति ने वहां उपस्थित समस्त बंदियों को मेडिटेशन कराया। शिविर के दौरान सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित व्यक्तियों के विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि ष्विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 में जागरूकता बढ़ाने के बजाय यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में सुधार लाने में वास्तविक अनुभव रखने वाले लोगों की सार्थक भूमिका होष् एवं प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित व्यक्तियों को भी समान अधिकार एवं उचित सहायता प्राप्त होनी चाहिए ।

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