वीएसके ऐप की तकनीकी कमियों के बीच ऑनलाइन अटेंडेंस से वेतन काटने के आदेश का छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने किया तीव्र विरोध
भटगांव, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर शिक्षकों एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का वेतन आहरित करने संबंधी जारी आदेश क्रमांक/स्था.1/राज/वे.भु./2026/220 रायपुर दिनांक 27/07/2026 का कड़ा विरोध जताया है। संघ का कहना है कि विभाग द्वारा विद्या समीक्षा केंद्र ऐप की जमीनी हकीकत और उसकी गंभीर तकनीकी खामियों को नजरअंदाज कर यह अव्यावहारिक आदेश थोपा गया है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष संजय ठाकुर, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, महामंत्री मनोज राय , जिलाध्यक्ष रामकुमार साहू, जिला सचिव योगेंद्र कुमार पडवार, कोषाध्यक्ष महेंद्र कुमार साहू बिलाईगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष बुद्धेश्वर कुमार कश्यप , सारंगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष भुनेश्वर साहू बिलाईगढ़ तहसील अध्यक्ष भैयाराम पाटले , सरसीवा तहसीलअध्यक्ष भगवान दुबे भटगांव तहसीलअध्यक्ष मूलचंद देवांगन ने ऐप की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के दूरदराज और ग्रामीण अंचलों में नेटवर्क की भारी समस्या बनी रहती है। शाला परिसर में उपस्थित होने के बावजूद ऐप में “शाला से दूरी” (लोकेशन एरर ) दिखाई जाती है। इतना ही नहीं, कई बार चेक इन की प्रविष्टि करने के बाद भी डेटा दर्ज नहीं होता और शाम को चेक आउट करते समय ऐप पुनः चेक इन प्रदर्शित होता है।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐप में व्याप्त इन गंभीर तकनीकी त्रुटियों के कारण 100% शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होना व्यावहारिक रूप से संभव ही नहीं है। ऐसे में ऐप की विफलता का खामियाजा शिक्षकों को अपने वेतन में कटौती के रूप में भुगतना पड़ेगा, जो कि पूर्णतः अन्यायपूर्ण है। अनेकों प्रयास के बावजूद एप में उपस्थिति नहीं होती है जबकि शिक्षक पूरे समय स्कूल में उपस्थित रहा है जिसका प्रमाण शिक्षक उपस्थिति पंजी , शिक्षक की लिखी डेली डायरी है उन्हें कैसे अनुपस्थित माना जाएगा। बस्तर ,सरगुजा जैसे बीहड़ अंचलों में अनेक स्कूलों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति नहीं हो पा रही है ,उनका वेतन रोकना ज्यादती है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि संघ पूर्व में भी बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से प्रामाणिक उपस्थिति दर्ज कराने की मांग करता रहा है। संघ ने मांग की है कि:
ऑनलाइन ऐप के स्थान पर विद्यालयों में बायोमीट्रिक मशीन से उपस्थिति व्यवस्था लागू की जाए।
जब तक बायोमीट्रिक प्रणाली सुचारू रूप से स्थापित नहीं हो जाती, तब तक पूर्ववत शाला की पारंपरिक ‘शिक्षक उपस्थिति पंजी’ के आधार पर ही पूर्ण वेतन का आहरण सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री ,शिक्षा मंत्री , शिक्षा सचिव ,संचालक से अपील किया है कि पहले एप की समस्या दुरुस्त किया जावे , एक मजबूत सिस्टम विकसित किया जावे ।तत्पश्चात अमल पर कड़ाई की जाय।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने शासन-प्रशासन को शिक्षकों में व्याप्त रोष ,आक्रोश की जानकारी देते हुए कहा है कि यदि ऐप के आधार पर वेतन रोकने का यह शिक्षक विरोधी फरमान तत्काल वापस नहीं लिया गया और शिक्षकों की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं हुआ, तो प्रदेशभर के शिक्षक आंदोलन हेतु बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं शिक्षा विभाग की होगी।




