

हरेन्द्र बघेल रायपुर। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा और सीनियर एडवोकेट केवी विश्वनाथन ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। वहीं, इस शपथ ग्रहण समारोह में सुप्रीम कोर्ट के सभी जज समारोह में मौजूद रहे हैं। आपको बता दें कि आज प्रदेश के लिए गौरव का दिन रहा है। क्योंकि जस्टिस प्रशांत मिश्रा सुप्रीम कोर्ट में जज बनने वाले पहले छत्तीसगढ़िया हैं।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया था ट्वीट
भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने दोनों नए न्यायाधीशों को सभी जजों की उपस्थिति में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले नवनियुक्त कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के दो नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने लिखा, ‘भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारत के माननीय राष्ट्रपति, भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश के साथ परामर्श के बाद, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता केवी विश्वनाथन को नियुक्त करते हुए प्रसन्नता हो रही है.’

दो साल बाद मिला प्रमोशन
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे अरूप कुमार गोस्वामी को दो साल पहले जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस बनाया, तब यहां हाईकोर्ट में सीनियर जस्टिस प्रशांत मिश्रा कार्यवाहक चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उसी समय उन्हें चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी की जगह आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया था।
दो साल तक चीफ जस्टिस रहने के बाद अब उन्हें फिर से प्रमोशन देने की तैयारी है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने मंजूरी दे दी है और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बनाने के लिए केंद्र सरकार से अनुशंसा की गई है।
बार से सीधे नियुक्त होने वाले SC के न्यायाधीश
कल्पथी वेंकटरमण विश्वनाथन पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भी हैं. वह बार से सीधे नियुक्त होने वाले सुप्रीम कोर्ट के केवल 10वें न्यायाधीश हैं. न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की सेवानिवृत्ति के बाद 11 अगस्त, 2030 को केवी विश्वनाथन भारत के मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं.
ऐसा होने पर वह एसएम सीकरी, यूयू ललित और पीएस नरसिम्हा के बाद सीधे बार से नियुक्त होने वाले भारत के चौथे मुख्य न्यायाधीश भी होंगे. सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम ने दो दिन पहले ही इन दो नामों की सिफारिश केंद्र के पास भेजी थी, जिसे सरकार ने गुरुवार को मंजूरी दे दी थी.

सुप्रीम कोर्ट में जज बनने वाले पहले छत्तीसगढ़िया
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति से पहले आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवारत थे. उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया है. वह सुप्रीम कोर्ट में जज बनने वाले पहले छत्तीसगढ़िया हैं. न्यायमूर्ति मिश्रा ने 13 वर्षों से अधिक समय तक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में काम किया। वह उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूची में क्रम संख्या 21 पर हैं।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति मिश्रा ने कानून के विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किए। उनके निर्णय कानून और न्याय से संबंधित व्यापक मुद्दों को कवर करते हैं। इतने समय से अपनी सेवाए दे रहे मिश्रा ने आज सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।





