लात नाला में कार समेत बहे दम्पत्ति की मिली लाश
उफनते नाले में मुस्तैद आपदा राहत, पुलिस और प्रशासन की टीम की सफलता
सारंगढ़-बिलाईगढ़, मूसलाधार बारिश के बीच लात नाला (माधोपाली पुल) पर घटित दुःखद घटना पानी में कार समेत बहे दम्पत्ति (चालक देवनारायण पटेल एवं उनकी पत्नी) की तलाश में आपदा राहत, जिला प्रशासन और पुलिस की त्वरित व साहसिक कार्रवाई लगातार जारी था जहाँ हादसे के 35 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें उफनती नदी के तेज बहाव और विकट परिस्थितियों की परवाह किए बिना युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई थी.

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने बिना समय गंवाए खुद मोर्चा संभाला और सीधे ग्राउंड जीरो पर लगातार सोमवार और मंगलवार को आकर पूरी रेस्क्यू मुहिम का नेतृत्व किया और अधिकारियों की टीम तत्परता और संवेदनशीलता के साथ जवानों का हौसला बढ़ाते हुए परिवार के संकट की घड़ी में मुस्तैद थे. अमझर पुल सहित आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में जवान और स्थानीय ग्रामीण और पीड़ित परिजन भी पुलिस व प्रशासन के प्रयासों में अपनी भागीदारी निभा रहे थे. रेस्क्यू को गति देने के लिए बाहर से विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम को तत्काल बुलाया गया था और सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही थी जिसके बाद आपदा टीम के अथक प्रयास से आज बुधवार क़ो 3 दिन डूबे हुए कार क़ो दम्पति के लाश सहित बाहर निकाला गया और मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए एम्बुलेंस से जिला हॉस्पिटल रवाना किया गया.

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक एवं आपदा टीम ने लगातार 2-3 दिन से इस घटना की पड़ताल और कार की खोजबीन मे लगे रहे.

यदि उसी दिन लोगो द्वारा फोटो वीडियो बनाने के बजाय तुरंत अधिकारियो एवं आपदा टीम क़ो समय पर सुचना दी जाती तो शायद आज दम्पति बच जाते और आज एक परिवार उजड़ने से बच जाता. कलेक्टर एवं एस पी ने ऐसी घटना के लिए तुरंत सुचना देने की अपील की है ताकि ऐसी घटना पुनः न हो सके.




