
बड़ी खबर : बहूचर्चित जुनवानी हत्याकांड मामला का खुलासा होते ही मृत परिवार के सदस्यों एवं ग्रामीणों मे नाराजगी

लोगों ने बताया भूलन द मेज मूवी की कहानी फिर दोहराई जा रही है

जाँच एवं कार्यवाही से परिजन असंतुष्ट, मुख्य आरोपी क़ो बचाने का लगाया गंभीर आरोप

नार्को टेस्ट एवं पुनः सघन जाँच कर कार्यवाही करने की मांग, पवन कुर्रे पर जान से मारने की धमकी का लगा आरोप

67 वर्षीय बुजुर्ग क़ो मुख्य आरोपी एवं उनके बेटे क़ो बचाने का लगा गंभीर आरोप

थाना प्रभारी ने 90 दिन तक जाँच करने की कही बात अन्य आरोपियों की जाँच व कार्यवाही करने का आश्वासन
अन्य आरोपियों पर कार्यवाही नहीं करने पर दिखा जन आक्रोश, उच्च अधिकारीयों के पास जाने क़ो मजबूर

भटगांव : SDOP विजय ठाकुर व थाना प्रभारी एस के धारी भटगांव के द्वारा 10 जुलाई को जुनवानी मे हुई तुलसीदास टंडन की निर्मम हत्या की खुलासा जब 13 जुलाई क़ो किया गया तो इसकी जानकारी मिलते ही जुनवानी मृतक के परिजन व 20-30 ग्रामीणो ने शाम लगभग 6.30 बजे भटगांव थाना पहुंचकर हंगामा किया और इस कार्यवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाये और कहा कि जाँच एवं कार्यवाही से परिजन व ग्रामीण असंतुष्ट है. इस हत्या मे पिता पुत्र दोनों संलिप्त है पुलिस द्वारा एक तरफ़ा कार्यवाही करते हुए पवन कुर्रे के पिता सकराम कुर्रे उर्फ़ बजरंग क़ो ही मुख्य आरोपी बनाकर इस हत्या का खुलासा करके प्रेस वार्ता किये है व संलिप्त अन्य आरोपी सकराम कुर्रे के पुत्र पवन कुर्रे क़ो बिना कार्यवाही का इस घटना से पृथक किया जा रहा है. भले ही उसे थाना परिसर मे रखें हैं. लेकिन कई ग्रामीणों ने उसे बाहर और बाजार मे घूमते देखा है और छोड़ने का संदेह जाहिर किये है.

वहीँ लोगों ने कहा कि अकेला एक वृद्ध व्यक्ति हत्या नहीं कर सकता उनके पुत्र भी शामिल इस घटना मे शामिल है.
इस प्रकार उपर्युक्त आरोप लगाए हुए पुनः जाँच एवं कार्यवाही करने हेतु मृतक के परिजन एवं ग्रामीणों ने मांग रखते हुए थाना प्रभारी क़ो ज्ञापन सौंपा है और त्वरित जाँच व कार्यवाही नहीं करने सही न्याय नहीं मिलने पर उच्च अधिकारी और न्यायालय जाने की बात कही है.
थाना पहुंचकर दो आवेदन दिए जिसमें एक आवेदन जिसमें आरोपी के पुत्र मृतक के परिवार वाले को गांव मे जाकर तथा गाँव वालो को जान से मारने की धमकी देने पर आवेदन दिए तो वहीँ दूसरी ओर पवन कुर्रे एवं उनके पिता दोनो के ऊपर सघन पूछताछ व जाँच करते हुए कड़ी कार्यवाही की मांग किये है और मृत परिवार के परिजन वीडियो जारी कर नार्को टेस्ट की भी मांग किये.
परिजनों एवं ग्रामीणों के बातो से ऐसा लग रहा है जैसे भूलन द मेज की कहानी फिर दोहराया जा रहा है जहाँ मुख्य आरोपी क़ो बचाकर एक बूढ़े व्यक्ति क़ो मुख्य आरोपी बनाकर सामने किया जा रहा हो अब सभी जाँच, पड़ताल, फारेन्सिस रिपोर्ट और अन्य जांच के पश्चात ही दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है.
वहीँ परिजनों एवं ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह से एक हट्टे कट्टे व्यक्ति क़ो किसी 67 वर्ष बूढ़े व्यक्ति द्वारा गैती से हत्या करना और दोनों आँख मे वार करके निर्मम हत्या करना ये समझ के परे बताया,इस वारदात क़ो अकेले बूढ़े व्यक्ति अंजाम नहीं दें सकता, दाल मे कुछ काला है और सच्चाई समय आने पर सबके सामने एक दिन जरूर आएगा ऐसा लोगों क़ो विश्वास है.
वहीँ गुस्साए लोगों क़ो थाना प्रभारी ने कैसे भी करके शांत कराया और पुनः जाँच एवं अन्य आरोपी पर कार्यवाही करने की बात कहीं.
अब देखना लाजमी होगा कि इस हत्याकांड के खुलासे के बाद परिजन एवं ग्रामीणों के आवेदन व मांग पर पुलिस क्या कार्यवाही करती है? क्या पुलिस ठोस कदम उठाएगी? कि भूलन द मेज मूवी बनकर रह जायेगा. आखिर पीड़ित परिवार क़ो कब तक सही न्याय मिलती है. ये तो आने वाला समय ही बताएगा.


