
नकटी में मलबे पर सियासत, बरसते पानी में छलका दर्द:

पेड़ के नीचे भीगते हुए पूर्व डिप्टी सीम टीएस सिंहदेव और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विधायक संगीता सिन्हा ने सुनी बेघरों की दास्तान
आशियाना उजड़ने के बाद आसमान भी रोया, छाता छोड़ पीड़ितों के बीच पहुंचे कांग्रेस नेता, ‘पीएम आवास’ पर बुलडोजर चलने को लेकर सरकार को घेरा
रायपुर (नकटी)। कहते हैं जब गरीबों का आशियाना उजड़ता है, तो आसमान भी आंसू बहाता है। राजधानी रायपुर से सटे ग्राम नकटी में अतिक्रमण के नाम पर चले सरकारी बुलडोजर ने कई परिवारों को बेघर कर दिया। लेकिन इस त्रासदी के बीच राजनीति का सबसे संवेदनशील और मानवीय चेहरा तब देखने को मिला, जब प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व विधायक संगीता सिन्हा इस उजड़े हुए गांव में पहुंचे।
दौरे के दौरान अचानक मौसम बदला और झमाझम बारिश शुरू हो गई। लेकिन पीड़ितों का दर्द सुनने पहुंचे इन नेताओं के कदम नहीं ठिठके। वीआईपी कल्चर और छातों को दरकिनार कर, दोनों नेता एक पेड़ के नीचे बरसते पानी में भीगते हुए बैठकर और बेघर युवा बुजुर्गों, रोती हुई महिलाओं और सहमे बच्चों की आपबीती सुनते रहे।वीआईपी प्रोटोकॉल छोड़ जनता के साथ भीगे नेता
नकटी गांव से आई यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील दिल को झकझोरने के लिए काफी है। एक तरफ जहां प्रशासन के बुलडोजर ने सिर छुपाने की छत छीन ली, वहीं दूसरी तरफ कुदरत की मार (बारिश) ने पीड़ितों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
ऐसी विकट परिस्थिति में टी.एस. सिंहदेव और संगीता सिन्हा ने खुद को सुखाने या सुरक्षित जगह जाने के बजाय, जनता के साथ भीगना बेहतर समझा। पेड़ के नीचे खड़े होकर नेताओं ने करीब एक घंटे तक ग्रामीणों की एक-एक शिकायत सुनी और उनके आंसू पोंछे।
‘यह विकास नहीं, क्रूरता है’ – टीएस सिंहदेव का तीखा हमला
बारिश में भीगते हुए ही पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव का गुस्सा स्थानीय प्रशासन और सरकार पर फूट पड़ा। उन्होंने कहा:
”अतिक्रमण हटाने का यह कौन सा तरीका है? कड़ाके की धूप और इस बरसते मानसून में लोगों को बेघर कर दिया गया। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि जो मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी पैसे से बने थे, उन पर बुलडोजर क्यों चला? अगर वे अवैध थे, तो सरकार ने उन्हें स्वीकृत क्यों किया? यह साफ तौर पर गरीबों के साथ क्रूरता और प्रशासनिक विफलता है।”
संगीता सिन्हा ने पूछा- ‘इस बारिश में ये छोटे बच्चे कहां जाएंगे?’
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ग्रामीणों का दर्द देखकर खुद भावुक हो गईं। उन्होंने रोती हुई महिलाओं को गले लगाया और ढांढस बंधाया। संगीता सिन्हा ने सीधे सरकार से सवाल करते हुए कहा:
अमानवीय कार्रवाई: “बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के, इस तेज बारिश में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को सड़क पर छोड़ देना कहां का न्याय है?”
सामान बचाने का वक्त भी नहीं मिला: ग्रामीणों ने रोते हुए नेताओं को बताया कि बुलडोजर इतनी तेजी से चला कि वे अपने घर का राशन और जरूरी दस्तावेज तक नहीं निकाल पाए, जो अब पानी में भीगकर बर्बाद हो चुके हैं।
विधानसभा से सड़क तक उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस दर्दनाक मंजर को देखने के बाद कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे इस मामले में शांत नहीं बैठेंगे। टी.एस. सिंहदेव ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि इस अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। वहीं, संगीता सिन्हा ने चेतावनी दी है कि यदि बेघर हुए इन परिवारों को तुरंत रहने के लिए सुरक्षित जगह और उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ उग्र मोर्चा खोलेगी।




