भटगॉवसारंगढ़

सफलता की कहानी नमो ड्रोन दीदी” योजना से लखपति दीदी बनी सुनीता

सफलता की कहानी

नमो ड्रोन दीदी” योजना से लखपति दीदी बनी सुनीता पटेल

सुनीता पटेल का ड्रोन से दवा छिड़काव पर, मिल रहा 1 से 2 लाख रूपये का वार्षिक आय

 

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 21 जून 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2023 को “नमो ड्रोन दीदी” योजना की शुरुआत की घोषणा की, जिसका उद्देश्य महिलाओं को एक स्थायी व्यवसाय मॉडल में मार्गदर्शन देकर सशक्त बनाना है, जहां वे अपनी आय को 1 लाख रुपये से अधिक बढ़ा सकती हैं, और ड्रोन प्रौद्योगिकी के साथ आधुनिक कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को बदल सकती हैं। इसी उद्देश्य क़ो सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के खोरीगांव की लखपति दीदी सुनीता पटेल ने साकार की है। उन्हें दिसंबर 2023 में ग्वालियर में 15 दिन का ट्रेनिंग मिला। उसके बाद वे लगातार वर्ष 2024 से अब तक प्रतिवर्ष 1 से 2 लाख रूपये तक का आय ड्रोन से खेतों में दवा छिड़कने से कर रही है।

 

ईफको उर्वरक कंपनी की ओर से उन्हें ड्रोन मिला है। कई शासकीय कार्यक्रमो में भी लगातार प्रदर्शन कर वे जिले और पड़ोसी जिले और राज्य की महिलाओं क़ो ड्रोन दीदी बनने की लिए प्रेरित कर रही हैं। शनिवार क़ो सारंगढ़ मंडी प्रांगण में खेती बचाओं अभियान और प्राकृतिक खेती कार्यशाला में सुनीता पटेल ने स्टॉल लगाकर प्रदर्शन किया वहीं प्रांगण में पानी से भरे ड्रोन क़ो मैदान में छिड़काने का प्रदर्शन राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा के समक्ष किया। वह अपने कार्य से संतुष्ट है और अपने ग्रामीण परिवेश के मुताबिक अमीर गरीब सबके खेती कार्य में पैसे की परवाह किये बगैर काम कर रही है।

 

*”नमो ड्रोन दीदी” योजना से लखपति दीदी सुनीता पटेल क़ो मिला लाभ*

 

“नमो ड्रोन दीदी” योजना की उद्देश्य कृषि में उन्नत प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना ताकि दक्षता में सुधार हो, फसल की पैदावार बढ़े और परिचालन लागत कम हो। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रोत्साहित महिला स्वयं सहायता समूहों और उनके क्लस्टर स्तरीय संघों को ड्रोन सेवा प्रदाताओं के रूप में सशक्त बनाना है। प्रोत्साहित महिला स्वयं सहायता समूहों और उनके सीएलएफ को व्यावसायिक अवसर प्रदान करना है ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और वित्तीय समावेशन के अवसरों को बढ़ाना। नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने और कीटनाशकों और उर्वरकों के उपयोग को अनुकूलित करने के लिए है। अधिक जानकारी वेबसाईट https://namodronedidi.da.gov.in/ से प्राप्त की जा सकती है।

 

*ड्रोन दीदी प्रशिक्षण*

 

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण, जिसमें 5 दिन ड्रोन पायलट प्रशिक्षण और 10 दिन पोषक तत्व और कीटनाशक अनुप्रयोग प्रशिक्षण शामिल है। ड्रोन सहायक के लिए 5 दिवसीय प्रशिक्षण है।

प्रशिक्षण ड्रोन आपूर्ति पैकेज का हिस्सा है और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण के लिए कुछ भी भुगतान नहीं करना होता है।

 

सात प्रमुख उर्वरक कंपनियां (एलएफसी) राज्य स्तरीय समन्वयकों के रूप में राज्य निगरानी और मार्गदर्शन सुनिश्चित करता है। इससे स्वयं सहायता समूहों के लिए स्थायी आय और आजीविका को बढ़ावा मिलता है। इससे किसानों की कार्यक्षमता और फसल की पैदावार बढ़ती है और लागत कम होती है।

 

*उर्वरक कंपनी इफको से ड्रोन लाभ, ट्रेनिंग और सप्लाई*

 

इफको किसानों और महिलाओं तक कृषि ड्रोन पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। यह नैनो उर्वरकों के छिड़काव के लिए महिला समूहों को प्रशिक्षण भी देती है। इफको के माध्यम से चुने गए स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन का वितरण किया जाता है। इसके लिए संबंधित महिला का स्वयं सहायता समूह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ा होना आवश्यक है। समूह की 2 महिलाओं को ड्रोन पायलट का 10-15 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें उड़ान भरने और ड्रोन रखरखाव सिखाया जाता है। सफल प्रशिक्षण के बाद डीजीसीए से रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (आरपीसी) मिलता है और समूह को ड्रोन सौंप दिया जाता है।

 

*ड्रोन दीदी के लिए स्वयं द्वारा ड्रोन खरीद प्रक्रिया*

 

ड्रोन दीदी के लिए ड्रोन खरीद प्रक्रिया योग्यता अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला हो, 10वीं पास और उपस्थिति पंजी किसी भी स्वयं सहायता समूह में शामिल हों। स्वयं सहायता समूह को डे एनआरएलएम के अंतर्गत पंजीकृत होना चाहिए। कर्ज के लिए आवेदन एनडीडीवाई योजना के तहत ड्रोन की खरीद के लिए 80% से लेकर 8 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। शेष राशि एआईएफ से 3% की सब्सिडी पर ऋण के रूप में प्राप्त की जा सकती है। प्रशिक्षण निकटतम आरपीटीओ में 15 दिनों का पायलट प्रशिक्षण लें। ड्रोन सहायक के मामले में, आरपीटीओ में 5 दिनों का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!