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मकान और दुकान मालिक के बिना सहमति के विज्ञापनों पर एफआईआर करने का है प्रावधान

*मकान और दुकान मालिक के बिना सहमति के विज्ञापनों पर एफआईआर करने का है प्रावधान*

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 14 अप्रैल 2024/कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार ने छत्तीसगढ़ सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994 के प्रावधानों का कठोरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाये। सम्पूर्ण चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों अथवा चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा शासकीय एवं अशासकीय भवनों की दीवालों पर किसी भी प्रकार के नारे लिख कर विकृत किया जाता है, तो उनके विरूद्ध छत्तीसगढ़ सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की जावेगी।

भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील है। निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिए शासकीय, अशासकीय भवनों पर नारे लिखे जाने तथा विद्युत एवं टेलीफोन के खम्भों पर चुनाव प्रचार से सम्बन्धित झंडे लगाये जाने के कारण शासकीय, अशासकीय सम्पत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है।

छत्तीसगढ़ सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 03 में निहित प्रावधानानुसार “कोई भी व्यक्ति जो सम्पत्ति के स्वामी (मकान या दुकान मालिक) की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक क्षेत्र में आने वाले किसी सम्पत्ति को स्याही, खड़िया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर के उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रूपया तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा।

ग्राम व नगर में पर्याप्त संख्या में टीम का गठन किया गया है। टीम सघन भ्रमण कर विरूपित सम्पत्ति को, सम्पत्ति विरूपण करने वाले के व्यय पर पूर्व स्वरूप में ला रही है तथा टीम द्वारा सम्पत्ति विरूपण करने वाले तत्वों के विरूद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।

यदि किसी राजनैतिक दल या निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी सम्पत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है, तो निजी सम्पत्ति के स्वामी द्वारा सम्बन्धित थाने में सूचना दर्ज कराने के बाद गठित टीम निजी सम्पत्ति को विरूपित होने से चलाने की कार्यवाही करेगा एवं सम्बन्धित थाना प्रभारी, प्रदत्त सूचना रिपोर्ट पर विधिवत् जांच कर सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जायेगा। इसी प्रकार किसी धार्मिक स्थल का उपयोग किसी भी रूप में चुनाव प्रचार-प्रसार के लिये नहीं किया जायेगा।

संबंधित थाना प्रभारी द्वारा सम्पत्ति विरूपण से सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों पर तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर विवेचना प्रारम्भ की जायेगी। सम्बन्धित टीम शिकायत या उन्हें प्राप्त सम्पत्ति विरूपण के प्रकरणों को पृथक पंजी में दर्ज करेगी एवं विरूपित सम्पत्ति की फोटोग्राफी/विडियोग्राफी करायेगी। इस प्रकरण से संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी उपरोक्त संबंध में की गई कार्यवाही की प्रतिवेदन प्रतिदिन संध्या 04.30 बजे तक अनिवार्यतः जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजेंगे। कोई भी शासकीय कर्मी, किसी भी मकान और दुकान मालिक को संपत्ति विरूपण में सहमति है तो लिखित सहमति पत्र प्राप्त करेंगे। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सहमति के लिए दबाव बनाया जाता है तो यह निर्वाचन नियमों का उल्लंघन है और उस व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही किया जाएगा।

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