स्वास्थ्य केंद्र भटगांव में भारी अनियमितता, स्वास्थ्य कर्मचारियों की उदासीन रैवये से मरीज हो रहे हैं परेशान, बढ़ सकता है संक्रमण

स्वास्थ्य केंद्र भटगांव में भारी अनियमितता, स्वास्थ्य कर्मचारियों की उदासीन रैवये से मरीज हो रहे हैं परेशान, बढ़ सकता है संक्रमण
स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मचारियों का सही रिपोर्टिंग समय में नहीं पहुंचने पर मरीजों को होती है परेशानियां…
बलौदाबाजार – नगर पंचायत भटगांव में एक मात्र शासकीय प्रथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भारी अनियमता देखने को मिल रहा है. स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं चिकित्सा अधिकारी की उदासीनता से भटगांव एवं आसपास के मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. न ही कोई स्वास्थ्य अधिकारी सुध लेने वाला है न ही को प्रशासन अधिकारी.
स्वास्थ्य केंद्र को लेकर कई बार शिकायत भी हो चूका है लेकिन यहां हालात सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा है. वहीं पत्रकार के पी पटेल ने स्वास्थ्य केंद्र जाकर 2-3 बार मुआयना किया तो सच सबके सामने आ ही गया.
पत्रकार के पी पटेल और अपने पत्नी को साधारण बुखार आने के बाद दिनांक 11.05.2021 को आम नागरिक बनकर जब कोरोना टेस्ट के लिए 10.30 बजे जब स्वास्थ्य केंद्र पहुचे थे तो वहां कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचे थे, 10.40 को एक कर्मचारी पहुचकर कोरोना टेस्ट वाले का नाम लिखा उसके बाद भी फिक्स नहीं है एंटीजन किट आएगा की नहीं.
वहीं जब इंतजार करते देखा गया तो सभी कर्मचारियों का आगमन 11 बजे से 11.45 तक होता है ऐसा लगा कि ये सरकारी स्कूल से नियम तोड़ने में माहिर है सरकारी स्कूल में तो लेट आने की सजा का प्रावधान है लेकिन शासकीय हॉस्पिटल का कोई सुध लेने वाला नहीं.
11.25 को दो स्वास्थ्य कर्मी ए, 11.30 बजे एक नर्स एवं फिर 11.40 को दूसरे नर्स का आगमन हुआ, उसके बाद यहाँ 12 बजे तक कोरोना टेस्ट वालों की संख्या 33 पहुंच गया और 45+ वेकसीन लगाने वाले लोगों का 8 पहुंचा… जबकि किट 11.30 बजे पहुंच चूका था उसके बाद भी 12.30 बजे तक कोरोना टेस्ट और वेकसीन नहीं लगाना समझ से परे जबकि वहीं पर पहुंच वाले 2 व्यक्तियों का टेस्ट होकर भी घर जा चुके थे.
लगभग 2 घंटे के इंतजार के बाद 12.40 मिनट में कोरोना टेस्ट प्रारम्भ हुआ ओ भी मरीज बैठने वालों के खुर्सी को बिना सेनेटाइजर किए.
टेस्ट किट से टेस्ट करते गए और वहीं पर किट को भी फेकते गए.. हॉस्पिटल के बाहर अब नेगटिव और पॉजिटिव दोनों की लाइन से हॉस्पिटल के सामने भर गया किसका नेगटिव और पॉजिटिव है किसी को पता नहीं.
फिर 1 घंटे टेस्ट के बाद 1.15 बजे पता चलता गया की नेगेटिव वाले अपने घर जाये और पॉजिटिव यहीं रुकेंगे. बाद में फिर पॉजिटिव रिपोर्ट बनाते गए दवाई देते गए ऐसे करके अब मरीजों को 2-3 घंटे इंतजार के बाद टेबलेट मिला और घर गए…
एक ही जगह कोरोना टेस्ट होना, एक ही स्थान पर 45+ वाले को वेकसीन लगाना और एक ही स्थान पर आम मरीजों का उपचार करना.
इस प्रकार हॉस्पिटल को सेनेटाइज़ नहीं करना. कोरोना टेस्ट के लिए बैठे खुर्सी एवं स्थान को सेनेटाइज़ नहीं करना, कोरोना टेस्ट किट को वहीं पर खुले में फेकना, पहुंच वाले व्यक्तियों को जल्द इलाज, नेगेटिव एवं पॉजिटिव वाले मरीजों को कई घंटे तक रोककर रखना, पॉजिटिव मरीजों को 4-5 घंटे बाद रिपोर्ट एवं टेबलेट वितरण करना,मरीजों से सही तरीका से बात नहीं करना, स्वास्थ्यकर्मियों को सही समय में रिपोर्टिंग न करना आदि इस प्रकार स्वास्थ्य केंद्र पर अनियमितता देखने को मिल रहा है. जिससे मरीजों को कई परेशानियों के साथ उसके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है. स्वास्थ्यकर्मचारियों के कई बार लेट से आने पर कई मरीजों की मृत्यु भी हो चुकी है.जिसकी शिकायत भी कई बार हो चूका है लेकिन कोई अधिकारी सुध लेने वाला नहीं.
आइये जानते हैं इस मामले में अधिकारी क्या कहते है…
इस सम्बन्ध में बिलाईगढ़ बी एम ओ डॉ. खूंटे सर को उसके मोबाइल न में 2 बार कॉल किया गया लेकिन रिसीव नहीं करने पर व्हाट्सप्प के माध्यम से अवगत कराया गया. कार्यवाही की बात कही.
भटगांव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष टंडन से बात करने पर गोलमाल जवाब देते हुए अपना पड़ला झाड़ते नजर आये.





