सारंगढ़ के CGPSC परीक्षा केन्द्रो मे अव्यवस्था का आलम,
बाथरूम, पानी पिने की व्यवस्था, बैग रखने एवं चेकिंग व्यवस्था से परीक्षार्थी हुए परेशान
सारंगढ़ के CGPSC परीक्षा केन्द्रो मे अव्यवस्था का आलम
बाथरूम, पानी पिने के व्यवस्था, बैग रखने एवं चेकिंग व्यवस्था से परीक्षार्थी हुए परेशान
टेबल कुर्सी भी मिले गंदे एवं टूटे फूटे कुर्सीयो मे परीक्षार्थियो हुए बैठने को मजबूर
जो नहीं वर्जित उसको भी महिलाओं को निकालना पड़ा
छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों को दूसरे राज्य के अभ्यर्थियों के चीटिंग एवं पर्यवेक्षक के लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है – छत्तीसगढ़ अभ्यर्थीगण
असुविधा व अव्यवस्था के लिए समाचार के माध्यम से लोक सेवा आयोग एवं शासन प्रशासन को सुधार हेतु अपील

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : गत दिवस दिनांक 22 फ़रवरी को सारंगढ़ मे CGPSC का तीन परीक्षा केंद्र बनाये गए थे जहाँ तीनों केन्द्रो मे कुछ न कुछ अव्यवस्था का आलम देखने को मिला. वहीँ सूत्रों के मुताबिक अधिकांश परीक्षार्थियों ने केंद्र के सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़ा कर दिए यहाँ तक बैठने वाले चेयर गन्दा, टुटा हुआ कुर्सी, बाथरूम की साफ सफाई न होना, बाथरूम मे बाल्टी इत्यादि का न होना, बैग रखने के लिए अलग से व्यवस्था न करना, मनचाहे ढंग से चेक करना, जो वर्जित नहीं है उनको भी प्रतिबन्ध लगाना, पैर के बिछिया, बाल के रबड़ इत्यादि, पानी पिने की अव्यवस्था सहित कई अव्यवस्थाओ से परीक्षार्थियों को गुजरना पड़ा.
आपको बता दे कि सारंगढ़ जिले मे रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर चाम्पा सहित अन्य जिलों मे होने वाले परीक्षा केन्द्रो की अपेक्षा बहुत सारी कमिया और खामिया देखने को मिला और वहीँ परीक्षार्थियों ने भी इन अव्यवस्थाओ को सुधारने और परीक्षा मे पर्यवेक्षको को सही प्रकार का प्रशिक्षण देने की बात कही.
अन्य जिलों मे पार्किंग से लेकर सभी प्रकार की व्यवस्था की जाती है और शासन प्रशासन के निर्देश अनुसार ही जो वर्जित है उन्हें ही प्रतिबन्ध की जाती है लेकिन सारंगढ़ के केन्द्रो मे कुछ और खिचड़ी पकी.
बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए मोबाइल, बैग, कीमती सामान इत्यादि रखने के लिए किसी भी केंद्र मे व्यवस्था नहीं दिखा और गेट के बाहर लावारिस तरीके से अपने कीमती समान रखना पड़ा जबकि अन्य जिलो मे इसकी समुचित व्यवस्था रहती है और सीसीटीवी निगरानी मे होती है ताकि चोरी न हो या भूलवस दूसरे का बैग कोई न ले जाये.
परीक्षार्थियों के अनुसार सी.पी.एम. कला एवं विज्ञान कॉलेज की निम्न अव्यवस्था दिखी – पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं समतलिकरण न होने से गाड़ी को रखने मे दिक्कत, बाथरूम मे शौचालय हेतु समुचित व्यवस्था का न होना जैसे हैंडवाश, साबुन, बाल्टी इत्यादि की व्यवस्था न होना, पिने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होना, एक क्लास मे 3-4 पर्यवेक्षक जिससे बार बार डिस्टर्ब होना, कुर्सी टेबल की साफ सफाई न होना, कई महिलाओं को पूरा सूट की अनुमति जबकि पुरे बांह वाले कपडे पूर्ण वर्जित था. महिला पुरुष सामान्य स्लीपर के बजाय सेंडिल और अन्य स्लीपर का अनुमति देना .महिलाओं को मजबूरन जो वर्जित नहीं उसको भी निकालकर जमा करना पड़ा.महिलाओं के चेकिंग हेतु समुचित व्यवस्था न होना जैसे अस्थाई टेंट मे चेक करना जबकि हवा आने पर पर्दा उड़ते ही महिलाओं का चेकिंग के दौरान दिखना, बैग, मोबाइल व अन्य सामान रखने हेतु उचित व्यवस्था न करना, गेट के बाहर ही खुले आसमान मे लावारिस तरीके से रखना पड़ा जहाँ कुछ घटना घटती तो जिम्मेदार कौन होता.

ऐसे ही अव्यवस्था पी एम श्री सेजेस स्कूल मे देखने को मिला जहाँ मुख्य गेट को न खोलकर पीछे का गेट से घूमकर जाना पड़ा जिससे बस मे आने वाले परीक्षार्थियों को कई समस्या का सामना करना पड़ा. अस्थाई शौचालय मे साफ सफाई न होना, हैंडवाश इत्यादि की व्यवस्था न होना, पिने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होना. बैग रखने हेतु गेट के बाहर ही खुले आसमान मे रखना पड़ा जहाँ कुछ घटना घटती तो जिम्मेदार कोन होता. महिलाओं को जो वर्जित नहीं उसको भी निकालकर जमा करना जैसे बाल के रबड़ वर्जित किया गया निकालने से बाल खुला करके परीक्षा हॉल मे बैठना पड़ा, महिलाओं के बिछिया एवं पायल तक वर्जित किया गया, महिलाओं के चेकिंग हेतु समुचित व्यवस्था न होना, गेट के पास धुप मे टेंट लगाकर चेक करना जहाँ ऊपर खुला होने से कड़ी धुप का सामना करना पड़ा.कुर्सी टेबल की साफ सफाई न होना एवं टूटे फूटे कुर्सी मे मज़बूरीवस बैठना. बैठने मे अव्यवस्था जैसे परीक्षार्थी द्वारा टूटी हुई कुर्सी बदलने को बोलने से पर्यवेक्षक को बहस करना पड़ा और अंतिम मे टूटी हुई कुर्सी नहीं बदलने से पेपर के दौरान कुर्सी टूट जाने के पश्चात, परीक्षार्थी का गिर जाना तत्पश्चात कुर्सी बदलना.

वहीँ लोचन प्रसाद पाण्डेय शासकीय महाविद्यालय मे सबसे बड़ी समस्या बैग, मोबाइल एवं अन्य कीमती सामान को रखने के लिए अव्यवस्था दिखा जहाँ गेट के बाहर बैग एवं अन्य समान रखना पड़ा तो वहीँ कॉलेज के आसपास के दुकान मे पैसे देकर मोबाइल, पर्स एवं बैग को रखना पड़ा जबकि कॉलेज मे सामान रखने की व्यवस्था की जा सकती थी.

वहीँ छत्तीसगढ़ के परीक्षार्थियों का कहना है कि अन्य राज्यों के परीक्षार्थी के चीटिंग और पर्यवेक्षक की गलती और लापरवाही का नतीजा आज हमें भुगतना पड़ रहा है. आज उनके कारण कई समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है. खासकर महिलाओं को जहाँ कपड़ा से लेकर आभूषण पहनने, बाहर स्लीपर मे जाना, बैग रखने, मोबाइल तथा अन्य कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा जिससे अब परीक्षा दिलाना और लौटकर घर आने तक समस्या बढ़ गई है.परीक्षा हॉल मे नंगे पैर, टी शर्ट लोवर पहनकर बैठना, कपडे को काटकर बैठना, यहाँ तक कई लड़के को बिना कपड़ा का भी बैठना पड़ रहा है. आखिर कब परीक्षा मे सुधार होगी कि सभी प्रतियोगी परीक्षा मे इस प्रकार समस्या का सामना करना पड़ेगा?

यहाँ के केन्द्रो मे ऐसे कई अव्यवस्था देखने को मिला जो परीक्षार्थियों के लिए आश्चर्य लगा जबकि ये असुविधाएं अन्य जिलों के केन्द्रो मे नहीं होता परीक्षार्थियों के लिए सभी प्रकार के व्यवस्था का ध्यान दिया जाता है.वहीँ परीक्षार्थियों ने इस प्रकार के असुविधा व अव्यवस्था के लिए समाचार के माध्यम से लोक सेवा आयोग एवं शासन प्रशासन को सुधार हेतु अपील की है ताकि आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं मे परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधाओं का सामना न करना पड़े.अब खबर प्रकाशन के बाद लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यापम एवं अन्य विभाग, शासन प्रशासन इस सम्बन्ध मे क्या सुधार करती है ये तो आने वाला समय ही बताएगा.




