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वसूली के आरोप में कथित पत्रकार पर कार्रवाई की तैयारी…

थाना बिलाईगढ़ ने कोर्ट में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की

वसूली के आरोप में कथित पत्रकार पर कार्रवाई की तैयारी…

थाना बिलाईगढ़ ने कोर्ट में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की

बिलाईगढ़ : थाना बिलाईगढ़ के संबंध में भ्रामक खबर प्रकाशित करने और थाना प्रभारी से वसूली की कोशिश करने वाले कथित पत्रकार नरेश चौहान के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के तहत मामला कोर्ट में दर्ज करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

किस्त के लिए मांगे पैसे, नहीं देने पर छापी झूठी खबर

थाना प्रभारी शिवकुमार धारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अगस्त 2025 में नरेश चौहान ने थाना प्रभारी को अपने मोबाइल नंबर 93038-91083 से वॉइस कॉल कर धमकी दी कि आपके क्षेत्र में शराब बिक रही है, इसकी खबर छाप दूँगा… अगर मेरी गाड़ी की किस्त भरने के लिए पैसे दे दो तो खबर नहीं छापूंगा।

थाना प्रभारी ने जब यह स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध शराब बिक्री नहीं हो रही, तो भी कथित पत्रकार ने “माटी के संदेश” नामक अखबार में भ्रामक खबर प्रकाशित कर दी, जिसमें उन्होंने थाना प्रभारी पर अवैध शराब कारोबार को संरक्षण देने का झूठा आरोप लगाया।

कोर्ट में मामला दर्ज करने की तैयारी, लीगल नोटिस जारी थाना प्रभारी धारी ने बताया कि इस पूरे मामले में अब व्यवहार न्यायालय बिलाईगढ़ में केस दर्ज करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही नरेश चौहान को लीगल नोटिस भी भेजा जा रहा है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कथित पत्रकार नरेश चौहान मूलतः कोसीर क्षेत्र का निवासी है और पहले से ही कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।

31 अगस्त 2019 को थाना कोसीर में अपराध क्रमांक 93/2019 के तहत धारा 34(1) आबकारी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

वर्ष 2020 में अपराध क्रमांक 75/2020 के तहत धारा 294, 506, 323, 34 भारतीय दंड संहिता के तहत केस पंजीबद्ध हुआ था।

थाना प्रभारी का कहना है कि इन रिकॉर्ड्स से यह स्पष्ट होता है कि नरेश चौहान अवैध गतिविधियों और वसूली जैसे कृत्यों में संलिप्त रहा है।

पुलिस का सख्त रुख

थाना बिलाईगढ़ ने स्पष्ट किया है कि पत्रकारिता की आड़ में वसूली या धमकी देने जैसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस अब कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता देगी ताकि पत्रकारिता की गरिमा और कानून-व्यवस्था दोनों सुरक्षित रह सकें।

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