छत्तीसगढ़

25 लाख की लॉटरी के नाम पर ठगों को दिए 4 लाख;इलाज के लिए रखे थे पैसे

सरगुजा जिले में टीवी के लोकप्रिय गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नाम पर रोजगार सहायक से 4 लाख रुपए की ठगी हुई है। ठगों के झांसे में रोजगार सहायक इस तरह से फंसा कि उसने अपने पिता के इलाज के लिए रखे पैसे तक आरोपियों को दे डाले। पैसों के अभाव में सही इलाज नहीं होने से पिता की जान भी जा चुकी है। मामला दरिमा थाना क्षेत्र का है।

दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरी के रहने वाले रोजगार सहायक पंकज प्रधान ने बताया कि उसे एक WhatsApp कॉल आया था, जिसमें उसे बताया गया कि वो केबीसी में 25 लाख रुपए की लॉटरी जीत गया है। ये कॉल उसे 2 नवंबर को आया था। अज्ञात शख्स ने बताया कि लॉटरी के पैसे पाने के लिए उसे इनकम टैक्स चुकाना पड़ेगा। ऐसे में उससे आरोपियों ने 4 लाख रुपए मांगे।यह सुनकर वह उसके झांसे में आ गया और रुपए पाने के लिए प्रोसेस शुरू कर दी। इसके बाद अज्ञात शख्स ने टैक्स के नाम पर उसी दिन उससे 19 हजार रुपए खाते में ऑनलाइन जमा करवा लिए। धीरे-धीरे 2 नवंबर से लेकर 30 नवंबर के भीतर उसने 4 लाख रुपए रोजगार सहायक से अलग-अलग 5 खाते में डलवाए।

पीड़ित ने कहा कि उसके पिता बीमार थे, उन्हें अस्पताल में एडमिट कराने के लिए पैसों की जरूरत थी, लेकिन वो लॉटरी के लालच में आ गया और पिता के इलाज के पैसों को आरोपियों को दे दिया। पीड़ित ने बताया कि पिछले साल उसकी बहन की मौत एक्सीडेंट में हो गई थी, जिसके बाद उसे 4 लाख रुपए मिले थे, वो रुपए उसने केबीसी की लॉटरी के लालच में ठगों को अपने खाते से ट्रांसफर कर दिए। जबकि इस पैसों को उसे अपने पिता के इलाज में लगाना था।

पिता को इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई, इधर लॉटरी के पैसे भी नहीं मिले। 2 दिसंबर को फिर से आरोपियों का पैसे मांगने के लिए फोन आया था, जब उसने और पैसे देने से मना कर दिया, तो ठगों ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया। शनिवार 3 दिसंबर को उसने दरिमा थाने में 4 लाख रुपए की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है।

ASP विवेक शुक्ला ने बताया कि दरिमा थाना पुलिस ने पीड़ित रोजगार सहायक की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। उन्होंने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले भी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नाम पर ठगी होती रही है। साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए पुलिस-प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चलाती है, इसके बावजूद पढ़े-लिखे लोग भी ठगों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं।

केबीसी व्हाट्सएप पर कोई क्विज नहीं चलाता

WhatsApp पर केबीसी के नाम पर इनाम देने का झांसा देकर आरोपी ठगी करते हैं। साइबर क्रिमिनल्स आपको आपके WhatsApp पर एक मैसेज भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है कि आपको केबीसी की तरफ से 25 लाख रुपए की लॉटरी लगी है। यह जानकारी टाइप मैसेज के अलावा एक वॉयस नोट के जरिए भी दी जाती है। लोगों को झांसे में लेने के लिए साइबर क्रिमिनल्स KBC के ऑडियो क्लिप और फोटो का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि केबीसी की ओर से कभी भी WhatsApp पर कोई क्विज नहीं चलाया जाता है और न ही कोई इनाम दिया जाता है। देशभर में केबीसी के नाम पर जब साइबर ठगी शुरू हुई थी, तो टीवी पर इस गेम शो के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए ये जानकारी दी भी जाती थी कि केबीसी लोगों से किसी भी चीज के नाम पर पैसे नहीं मांगता है, इसलिए आप ठगों के चक्कर में पड़कर अपना एक रुपए भी खर्च नहीं करें।

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