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शासकीय एवं निजी स्कूल के शिक्षक कर है कोचिंग का अवैध धंधा..RTE अधिनियम का खुलेआम उल्लंघ्न 

स्कूल के बच्चों को ही दे रहे है कोचिंग, स्कूल मे कम कोचिंग मे अधिक पढ़ाई... 

शासकीय एवं निजी स्कूल के शिक्षक कर है कोचिंग का अवैध धंधा..RTE अधिनियम का खुलेआम उल्लंघ्न

नियमों एवं बच्चों के सुरक्षा क़ो लेकर कई सवाल 

कई कोचिंग सेंटर में अपने ही स्कूल के बच्चों को ही दे रहे है कोचिंग

स्कूल मे कम कोचिंग मे अधिक पढ़ाई…स्कूल से अधिक इनकम कोचिंग मे.

भटगांव : जिले के विकासखंड बिलाईगढ़ के नगर पंचायत भटगांव सहित बिलाईगढ़, सरसींवा एवं पुरे जिले मे शासकीय एवं कई निजी स्कूल के शिक्षकों द्वारा संचालित अवैध कोचिंग का व्यवसाय अधिक फूल फल रहा है जहाँ प्रत्येक गली मोहल्ला, धर्मशाला भवन एवं किराये के मकान मे बिना किसी गाइडलाइन एवं सुरक्षा से कोचिंग का अवैध रूप से व्यवसाय कर रहे हैं यहाँ तक कई शासकीय स्कूल के शिक्षक भी है जो गुप्त तरीके से मोटी रकम लेकर अपने घर या किराये के मकान मे पार्ट टाइम कोचिंग का संचालन करते है.

निजी स्कूल मे पढ़ाने वाले कई शिक्षक एवं शिक्षिका भी अपने स्कूल के बच्चों को मोटी रकम लेकर अपने घर या किराये के मकान या धर्मशाला भवन मे कोचिंग संचालन करते है. स्कूल के पेमेंट से अधिक कोचिंग मे पढ़ाने मे ज्यादा इनकम निकालते है जिससे स्कूल को केवल नाम से पढ़ाने का और बच्चे खींचने का माध्यम बनाये है जिससे दोगुना मुनाफा कमाया जा सके.जो RTE अधिनियम के तहत अवैध माना गया है.यहाँ तक कई बच्चों की सुरक्षा क़ो लेकर पालक कई सवाल खड़ा कर दिए जैसे प्रतिदिन का उपस्थिति अनुपस्थिति की जानकारी न होना बच्चे कोचिंग के बजाय यदि कहीं गायब हो गए तो उसके जिम्मेदार कौन,सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी सुविधा न होना, लड़को एवं लड़कियों के लिए अलग अलग बाथरूम की व्यवस्था न होना, आग की सुरक्षा हेतु सेफ्टीफायर अग्निशामक यँत्र का न होना, 5 से अधिक बच्चों में कोचिंग का रजिस्ट्रेशन न होना, पार्किंग व्यवस्था, पिने के पानी की व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था इत्यादि कई सुविधाकोचिंग में होने चाहिए. RTE नियमानुसार शासकीय स्कूल के शिक्षक के साथ निजी स्कूल के शिक्षक भी कोचिंग का अलग से संचालन नहीं कर सकते. लेकिन अधिकारीयों की उदासीनता के चलते बेखौफ़ प्रत्येक गली मोहल्ले,सामाजिक भवन, निजी स्कूल, शासकीय भवन या किराये के एक कमरे में अवैध कोचिंग संचालित हो रही है.

आपको बता दे कि ऐसे शिक्षक स्कूल मे अपने विषय मे सही तरीका से या तो पढ़ाई नहीं कराते या फिर प्रश्न पेपर बताने या प्रायोगिक परीक्षा मे अधिक अंक लाने की लालसा से बच्चे उस शिक्षक की कोचिंग ज्वाइन करते है और स्कूल में उन्ही बच्चों क़ो अधिक ध्यान देते है जो उस शिक्षक की कोचिंग ज्वाइन करता है और उन्ही की अधिक सहायता करते है. यदि इतना प्रयास स्कूल के संचालक और प्रिंसिपल बच्चों के पढ़ाई क़ो लेकर करते तो किसी निजी स्कूल के बच्चे क़ो और कहीं कोचिंग जाने की जरुरत नहीं पडती. कमजोर बच्चों के लिए स्कूल में ही अतिरिक्त क्लास लगाकर उनकी सहायता करते लेकिन यहाँ माजरा ही कुछ और है. अब स्कूल के शिक्षकों के कोचिंग संचालन में स्कूल के डायरेक्टर या प्रिंसिपल का भी हाथ है ये तो जाँच एवं कार्यवाही के बाद खुलासा हो सकता है.

अब कई स्कूलो में भी बिना किसी गाइडलाइन और नियमो क़ो दर किनार करते हुए कोचिंग का संचालन करने में जुटे हुए हैं जिसका प्रचार प्रसार भी वहां के प्राचार्य, शिक्षक, पालक एवं बच्चे कर रहे है ताकि स्कूल क़ो अतिरिक्त आमदनी हो सके.

वहीँ शासकीय भवन क़ो भी बिना किसी टेंडर या किसी सुचना के कोचिंग संस्थान क़ो किराया दिया गया है जो समझ से परे है क्योंकि बिना किसी सुरक्षा के कोचिंग संचालन करना और कोई घटना हो जाती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा. अक्सर शासकीय स्कूल के बच्चों क़ो कोचिंग की जरुरत पडती है क्योंकि शासकीय शिक्षक के अतिरिक्त शासकीय कार्य के कारण कोर्स एवं पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाता. लेकिन निजी स्कूल के बच्चों क़ो कोचिंग की आदत डालना मतलब स्कूल में पढ़ाई नहीं होना सिद्ध करती है. कमजोर बच्चों के लिए कोचिंग भेजना समझ आता है लेकिन स्कूल के अधिकांश बच्चों का उसी विषय शिक्षक के पास कोचिंग जाना ये समझ से परे हैं.

अगले सत्र मे ऐसे स्कूल के नाम सहित अवैध कोचिंग संचालित करने वाले के खिलाफ प्रकाशित कर कार्यवाही किया जायेगा ताकि स्कूल के बच्चों को दोहरा भार न पड़े और जो पढ़ाई कोचिंग मे शिक्षकों द्वारा कराया जाता है वो सुविधा स्कूल मे मिले और सभी कमजोर बच्चों जो कोचिंग की जरुरत पड़ता है उसे स्कूल मे अतिरिक्त क्लास के माध्यम से निःशुल्क पढ़ाया जा सके ये स्कूल के संचालक के ऊपर निर्भर करता है. चाहें तो ऐसे शिक्षक के खिलाफ वे स्वयं एक्शन ले सकता है.

वहीँ इस सम्बन्ध में अधिकारीयों ने बताया कि ऐसे अवैध कोचिंग के ऊपर अतिशीघ्र कार्यवाही करेंगे और ऐसे शासकीय स्कूल के शिक्षक के खिलाफ जो गुप्त रूप से कोचिंग का संचालन कर रहे हैं या कहीं कोचिंग संस्थान में पढ़ा रहे है और जो निजी स्कूल मोटी रकम लेकर नियम के विरुद्ध कोचिंग संचालित कर रहे है उनके खिलाफ जरूर कार्यवाही होगा.

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