
कुल्हाड़ी से मां को काट डाला और फिर गाने लगा गाना; सनकी बेटे की कहानी हिला देगी
कहते हैं बेटा मां के आंखों का तारा होता है, उसका राज दुलारा होता है। उस संतान के लिए मां दुर्गा, काली तक बन जाती है, लेकिन अगर वही बेटा अपनी मां का ही दुश्मन बन जाए तो। देश में बीते सालों में कई मामले सामने आए हैं, जिसमें बेटे ने कलयुगी रूप धर अपनी मां की ही हत्या कर दी, लेकिन छत्तीसगढ़ के जशपुर का मामला और हैरान करने वाला है। बेटे ने मां की बेरहमी से हत्या ही बस नहीं की, उसकी लाश दफनाई और मजे से गाना भी गाता रहा। देखकर लगेगा मानो इसे कोई अफसोस ही न हो।

मामले के तह की ओर चलते हैं। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मंगलवार सुबह एक शख्स ने अपनी मां की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी और कई वार कर शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। यह तब और ज्यादा चौंकाने वाला हो गया, जब पड़ोसियों ने उसे लाश से कुछ मीटर दूर बैठे और गुस्से में गाना गाते और रेत से खेलते हुए देखा। कुनकुरी जिले के बेंद्रेरभाद्र बस्ती के पड़ोसी इस दृश्य को देखकर डर गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

जब पुलिस पहुंची, तो जीत राम यादव नाम के उस व्यक्ति ने कुल्हाड़ी उठाई और उन पर भी हमला करने की कोशिश की। पुलिस को उसे काबू करने में लगभग चार घंटे लग गए। जशपुर एसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि घटना का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है और पहली नज़र में ऐसा लगता है कि यादव मानसिक रूप से अस्थिर है।

बेटे ने की अपनी ही मां की टांगी से मारकर कर वीभत्स तरीके से निर्मम हत्या, पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी जीत राम को लिया हिरासत में, प्रथम दृष्टिया आरोपी मानसिक रूप से विछिप्त, मगर पुलिस कर रही है सभी दिशाओं से जांच, मामला कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत इस्लाम नगर मुहल्ले का।

उसने अपनी मां गुलाबाई पर सुबह करीब 5 बजे कुल्हाड़ी से हमला किया और चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि उस बेरहम बेटे ने अपनी मां पर तब तक बार-बार वार किए जब तक कि उनकी मौके पर ही मौत नहीं हो गई। इस क्रूर हमले के बाद, वह लाश के पास बैठा रहा, गाने गाता रहा और जो कोई भी पास आने की कोशिश करता, उसे धमकाता। डरे हुए परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने शोर मचाया, लेकिन किसी ने भी बीच में आने की हिम्मत नहीं की, क्योंकि आरोपी जो भी करीब आता, उस पर कुल्हाड़ी से वार करता था। जब तक कुनकुरी पुलिस पहुंची, तब तक घर के बाहर सैकड़ों स्थानीय लोग जमा हो चुके थे।

एसपी ने बताया कि शुरू में पुलिस अधिकारियों ने अंदर जाने में हिचकिचाहट महसूस की, क्योंकि यादव लगातार आक्रामक होता जा रहा था और हथियार लहरा रहा था। लगभग चार घंटे की बातचीत और रणनीति बनाने के बाद, पुलिस की एक टीम ने आखिरकार उसे हिरासत में ले लिया। परिवार के सदस्यों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि पिछले दो सालों से यादव की मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी और वह पारंपरिक वैद्यों (बैगाओं) से इलाज करवा रहा था। पुलिस ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरी जांच के बाद ही वे इस नतीजे पर पहुंचेंगे कि उसने ऐसा भयानक कदम क्यों उठाया।






