आंगनबाड़ी में करंट से मासूम की मौत, पोस्टमार्टम में देरी से परिजनों में आक्रोश, अफसरों पर कार्रवाई की मांग
ग्राम पदेली के आंगनबाड़ी केंद्र में करंट लगने से ढाई साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। पोस्टमार्टम में घंटों की देरी से परिजन अस्पताल में पूरी रात शव के साथ बैठे रहे। ग्रामीणों ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

आंगनबाड़ी में करंट से मासूम की मौत, पोस्टमार्टम में देरी से परिजनों में आक्रोश, अफसरों पर कार्रवाई की मांग
कोंडागांव : महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत नवागांव के आश्रित ग्राम पदेली में एक दर्दनाक हादसा हुआ। आंगनबाड़ी केंद्र में करंट लगने से ढाई साल की मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सुबह करीब 11 बजे की है। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

मृतका के पिता अंतुरराम यादव ने बताया कि उनकी बेटी रोज की तरह आंगनबाड़ी गई थी। लेकिन उस समय न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थी और न ही अन्य बच्चे। कुछ देर बाद मृतका का भाई घर आकर घबराते हुए बोला कि उसकी बहन को करंट लग गया है। परिवारजन तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मर्दापाल लाया गया। लेकिन परिजनों का आरोप है कि वे दोपहर 3 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, इसके बावजूद शाम तक कोई डॉक्टर पोस्टमार्टम करने नहीं आया।

परिजनों का कहना है कि वे शव को लेकर अस्पताल के प्रथम तल पर बैठे रहे और उन्हें पूरी रात शव के साथ ही अस्पताल में रुकना पड़ा। मृतका के पिता और चाचा ने भावुक होकर कहा –
“अगर 3 बजे ही पोस्टमार्टम हो जाता तो हमारी बच्ची का अंतिम संस्कार भी हो जाता। अब हमें पूरी रात शव के पास बैठना पड़ रहा है। यह घोर लापरवाही है। हमारी बच्ची की आत्मा भी दुखी होगी।”
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉक्टर ने बताया कि उन्हें थाना से फोन आया था कि करंट से बच्ची की मौत हुई है और शव शाम 5 बजे तक पहुंचेगा। इसके बाद की स्थिति की जानकारी उन्हें नहीं मिली।
गांव के लोगों और परिजनों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता की अनुपस्थिति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह दुखद घटना हुई है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह देखना होगा कि विभाग और प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।








