छत्तीसगढ़

अम्बिकापुर : जिला पंचायत सीईओ ने मनरेगा के तहत प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 का किया शुभारंभ

अम्बिकापुर : जिला पंचायत सीईओ ने मनरेगा के तहत प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 का किया शुभारंभ

ग्रामीणों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनाने की पहल

कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के मिलेंगे अवसर-सीईओ

अम्बिकापुर, 15 दिसम्बर 2025

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 के तहत ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिले में विभिन्न ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने जनपद पंचायत अंबिकापुर की ग्राम पंचायत खलीबा, मेंद्राखुर्द, चठिरमा, बलसेडी एवं कुल्हाड़ी के कुल 35 ग्रामीणों को राजमिस्त्री कार्य के 30 दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।

आर-सेटी (RSETI) अंबिकापुर द्वारा प्रारंभ की गई प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भवन निर्माण कार्य से संबंधित सभी महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत खलीबा में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों में प्रशिक्षणार्थियों को प्रायोगिक रूप से ईंट-चिनाई, प्लास्टर, फाउंडेशन, लेआउट, माप-जोख एवं गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण अवधि के दौरान योजना के प्रावधानों के तहत प्रतिभागियों को 261 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी भी प्रदान की जाएगी, क्योंकि इन युवाओं द्वारा मनरेगा अंतर्गत 60 दिवस का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इससे प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्राप्त होगा।

इस प्रशिक्षण में 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के ग्रामीण युवक-युवतियां शामिल हैं। प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत ये सभी प्रतिभागी राजमिस्त्री के रूप में कार्य करने में सक्षम होंगे तथा प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य शासकीय एवं निजी निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कहा कि 30 दिन का यह प्रशिक्षण भविष्य की आय बढ़ाने का मजबूत आधार है। उन्होंने युवाओं से प्रशिक्षण को गंभीरता से सीखने, कार्य में परफेक्शन लाने एवं अपने कौशल का सही उपयोग कर आर्थिक उन्नति करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रतियोगिता को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान टूल किट, भोजन की व्यवस्था तथा आगे चलकर स्वरोजगार हेतु ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सीईओ श्री अग्रवाल ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे आत्मनिर्भर बनेंगे और आय में निरंतर वृद्धि होगी।

 

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