

भिलाई नगर निगम क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जब इसका कारण जानने भास्कर की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो पता चला की ये सब निगम की लापरवाही के चलते हो रहा है। दो लोगों की डायरिया से मौत के बाद भी संक्रमित क्षेत्र में न नालियों की सफाई की गई है और न ही उस पाइप लाइन के लीकेज को ठीक किया गया है, जहां से घुसकर नालियों का पानी घरों तक पहुंच रहा है। लोग जानते हुए भी संक्रमित पानी पीने को मजबूर हैं।
भास्कर की टीम वैकुंठ धाम क्षेत्र के उन इलाकों में पहुंची जहां एक बच्ची और एक युवक की डायरिया से मौत हो गई है।सैकड़ों की संख्या में लोग बीमार हैं। जब यहां के लोगों से बात की गई तो चौकाने वाली सच्चाई सामने आई। लोग यह जानते हुए भी कि उनके घरों में आने वाला पानी संक्रमित है उसे पी रहे हैं। उनका कहना है कि मजबूरी में उन्हें ये पानी पीना पड़ रहा है। नलों से नालियों का गंदा पानी आता है तो उसे भर रहे हैं और कुछ समय को रख देते हैं। जब गंदगी नीचे तलहटी में बैठ जाती है तो ऊपर का पानी पी लेते हैं।
यहां रहने वाली मीना कोसले का कहना है कि उनकी 5 साल की बेटी माही अस्पताल में भर्ती है। हर घर से लोग डायरिया से पीड़ित हैं। निगम के अधिकारी आए, देखे और चले गए। दो दिन बीत गए, लेकिन अब तक नालियों की सफाई नहीं हुई, न ही पाइप लाइन के लीकेज को ठीक किया गया है।
घरों के सामने गड्ढे करके की गई पाइप लाइन पंक्चर
पाइप लाइन में प्रेशर न होने से पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच रहा है। अंतिम छोर में बसे लोगों ने अपने घरों के सामने गड्ढा करके पाइप लाइन को फोड़कर पंक्चर कर दिया है। इससे जो पानी लीक होकर गड्ढे में भरता है उसे लोग पीने के लिए उपयोग करते हैं। ऐसा करके वो सीधे संक्रमित पानी पी रहे हैं और अपना जीवन खतरे में डाल रहे हैं।

इन क्षेत्रों में फैला डायरिया
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बैकुंठधाम, शारदा पारा, जेपी नगर, वृंदा नगर सहित कैंप 2 के कई क्षेत्रों में डायरिया फैला हआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां के 300 घरों का सर्वे करके क्लोरीन की टेबलेट बांटी है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
शहर के वृन्दानगर, जेपी नगर, शारदापारा और न्यू संतोषीपारा कैम्प क्षेत्र के आसपास डायरिया की स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम ने 60 ए.एन.एम., 11 सुपरवाइजर एवं 03 बीईटीओ, 25 मितानिनो की डयूटी लगाई गई है। ये टीम लोगों के घर-घर जा रही है। इस दौरान मिलने वाले डायरिया के मरीज को अस्पताल भेजा जा रहा है, और मामूली दस्त होने पर ओ.आर.एस. का घोल बनाने की विधि बता कर दवा दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बैकुंठधाम यूपीएचसी में एक कंट्रोल रूम भी बनाया है। यदि किसी को भी कोई परेशानी हो तो वो फोन नंबर 0788-4230397 से संपर्क कर जानकारी दे सकता है। अस्पताल में चौबीस घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी।
भाजयुमो ने की निशुल्क इलाज और वाटर एटीएम की मांग
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रशम दत्ता ने अपने साथियों के साथ डायरिया से बचाव के लिए दुर्ग कलेक्टर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि डायरिया से पीड़ित के इलाज का पूरा खर्चा शासन उठाए। वार्डों में निशुल्क जांच शिविर लगाया जाए। डायरिया से जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों को 25 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए और डायरिया ग्रसित इलाकों में तत्काल वाटर एटीएम लगाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो लोग अग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।





