

सुख नन्दन पटेल कोरबा. रोजगार, बसाहट और मुआवजा से जुड़ी समस्या को लेकर 15 गांव के भू-विस्थापित एसईसीएल से नाराज हैं. लम्बा समय बीतने पर भी उनकी समस्या यथावत है. विस्थापित समुदाय ने भरी गर्मी में रैली निकाली और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. इसमें ग्रामीणों ने कहा कि, 20 दिन के भीतर मसला हल नहीं किया गया तो वे कुसमुंडा खदान को बंद करने के लिए बाध्य होंगे. इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और प्रबंधन की होगी.
बता दें कि, भू-विस्थापित समुदाय ने हसदेव पुल से कोरबा जिला कार्यालय तक पदयात्रा निकाली. इसमें प्रभावित पुरुष और महिलाओं की भागीदारी थी. गर्मी की परवाह नहीं करते हुए ये लोग बैनर पोस्टर के साथ रैली का हिस्सा बने. रास्ते भर ये सभी आम लोगों के लिए जिज्ञासा का विषय बने रहे कि, आखिर इतनी धूप में ये सब आखिर क्यों किया जा रहा है. इस रैली में 15 गांव के लोग शामिल हुए.






