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*जन्मजात हॄदय रोग से पीड़ित पांच बच्चों का चिरायु योजना से हुआ सफल ऑपरेशन* 

सफलता की कहानी 

*जन्मजात हॄदय रोग से पीड़ित पांच बच्चों का चिरायु योजना से हुआ सफल ऑपरेशन* 

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 12 जुलाई 2025/ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु योजना जो आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों में पढ़ते बच्चों का निःशुल्क जांच व चिन्हांकन पश्चात ईलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराती है। यह योजना एक बार फिर बच्चों के लिए संजीवनी साबित हुई है। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देशन व मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफआर निराला के मार्गदर्शन में जिले में चिरायु टीम संचालित है। अब स्कूल शिक्षा सत्र प्रारंभ हो चला है। अतः पूरे स्कूलों के बच्चों का एक बार स्वास्थ्य जांच व आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का दो बार स्वास्थ्य जांच किया जाना है। इसके बाद उन चिन्हित बच्चों को जरूरत के मुताबिक तत्काल इलाज व दवाई दिया जाता है और गम्भीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को रिफर किया जाता है। रिफर पश्चात उनका ईलाज हुआ या नही, यह सुनिश्चित भी चिरायु टीम करती है।

उल्लेखनीय है कि यह योजना बच्चों के सभी प्रकार के सामान्य, गम्भीर व दुर्लभ बीमारियों का ईलाज कराने में हरसम्भव मदद करती है। चिरायु टीम अपने स्क्रीनिंग के दौरान दिल मे छेद सुराख वाले बच्चों को चिन्हित कर उनके ऑपरेशन अपने राज्य में या अन्य राज्य में भी भेजकर निःशुल्क करवाने के प्रयास करती है। ऐसे ही जिले के बच्चे, सरिता विश्वकर्मा 10 वर्ष अमलीपाली (ब) सारंगढ़, नेहा निषाद 10 वर्ष छिंद सारंगढ़, गरिमा लहरे 5 वर्ष चुरेला सारंगढ़, दृष्टि बरेठ 4 वर्ष बरदुला सारंगढ़, आँचल सिदार 10 वर्ष भंवरपुर बरमकेला, इशिका बरिहा विक्रमपाली बरमकेला इन सभी बच्चों का सफल ऑपरेशन श्रीबालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस रायपुर में निःशुल्क हुआ है। अब ये बच्चे कुशल व पहले से स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। इस प्रकार के सभी बच्चों के जांच, पहचान व चिन्हांकन में चिरायु टीम डॉक्टर्स की प्रमुख भूमिका है जो जमीनी स्तर पर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करती है।

कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के द्वारा टीम को पूरी तन्मयता के साथ समस्त बच्चों के जांच व ईलाज को सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही बच्चों के चिरायु कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एफआर निराला का सीधा संबंध व संवाद रहता है, जिससे यह आसानी से जिले में संचालित हो रहा है।

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