अंबिकापुरछत्तीसगढ़

हाथी का आतंक:टार्च जलाई तो आ गया हाथी, भाग रही मां को मार डाला, पिता जख्मी

मैनपाट के चोरकीपानी में जंगली हाथी ने एक बुजुर्ग महिला को कुचलकर मार दिया। उसके पति को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

ग्रामीण संतोष यादव ने बताया है कि रात में हाथी आने की जानकारी मिलने पर गांव वालों ने विश्वनाथ को आंगनबाड़ी भवन में चलने के लिए कहा था, लेकिन वे तैयार नहीं हुए और जब रात 11 बजे हाथी उनके पड़ोस में पहुंच गया तो वे घर छोड़कर जाने की तैयारी में थे। तभी बुजुर्ग दंपती के बेटे ने घर से बाहर निकलकर हाथी की तरफ टार्च जलाया।

इस पर हाथी उनके दरवाजे की तरफ आने लगा और उसका बेटा अपने बच्चों के साथ वहां से भाग गया। इसके बाद दरवाजे से जैसे ही विश्वनाथ बाहर निकला तो हाथी ने उसे सूंड़ से उठाकर पटक दिया। उसके पैर में गंभीर चोट आई। हाथी उसे छोड़कर फिर दरवाजे में आया और बुजुर्ग महिला बसमतिया को कुचलकर मार दिया।

इसके बाद एम्बुलेंस को बुलाया गया और बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है।यहां हाथियों का उत्पात इतना बढ़ गया है कि चोरकीपानी बस्ती में पहाड़ी कोरवाओं ने एक साल से घर छोड़ दिया है तो 8 माह से बाकी ग्रामीण आंगनबाड़ी भवन में रात गुजारने मजबूर हैं। मैनपाट में बरडांड से लगे चोरकीपानी में 17 परिवार रह रहे हैं।

यह जगह ऊंचाई में है, जहां तराई क्षेत्र से हाथी शाम होते ही बस्ती तक पहुंच जाते हैं। यहां शनिवार की रात 11 बजे एक हाथी ने 70 वर्षीय महिला बसमतिया को कुचल दिया और उसके पति विश्वनाथ को गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं रामचंद्र, एतवाराम कोरवा और विश्वनाथ का घर तोड़ दिया।

लाश के पास 3 घंटे तक मंडराता रहा हाथी
हमले के बाद हाथी लाश के पास करीब तीन घंटे तक मंडराता रहा। इसके कारण किसी की हिम्मत वहां जाने की नहीं हुई और सुबह जब हाथी जंगल की तरफ गया, तब ग्रामीणों ने लाश को देखा। इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई।

इसके बाद भी दोपहर 12 बजे वहां से शव उठाया गया और पंचनामा बाद परिजनों को सौंपा गया। वहीं 25 हजार की तात्कालिक रूप से आर्थिक सहायता दी गई।

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