छत्तीसगढ़

सागर हायर सेकेंडरी स्कूल भटगांव में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया बाल दिवस

बाल दिवस के उपलक्ष में बच्चों को बलोदा बाजार जिला के कसडोल तहसील में स्थित तुरतुरिया धाम का पर्यावरणीय पर्यटन स्थल में बच्चों का वनभोज का व्यवस्था किया गया ।एवं विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया ।विद्यालय के सभी बच्चों को उस दिन प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल तुरतुरिया धाम ले जाया गया ।तुरतुरिया धाम पर महर्षि वाल्मीकि आश्रम है ।जहां पर मां सीता के दो पुत्र लव और कुश का जन्म स्थली स्थान है ।

तुरतुरिया के समीप बार नयापारा भी स्थित है तुरतुरिया ही बारनवापारा अभयारण्य का प्रवेश द्वार है ।तुरतुरिया में लंबी चौड़ी सुरूग है जहां पर पानी तुर तुर तुर तुर ध्वनि उत्पन्न करती है ।जिस कारण वहां का नाम तुरतुरिया पड़ा। साथ ही साथ लव के नाम से लवन एवं कुश के नाम से कसडोल नगर अस्तित्व में आए ।यह जानकारी बच्चों को विद्यालय के संचालक डॉ दीपक कुमार डनसेना द्वारा दिया गया ।विद्यालय के बच्चों को विद्यालय के शिक्षक राजेंद्र दीप घनश्याम साहू पिंकी संध्या उमेश्वरी श्रीवास ऋतु सिंह गरिमा दिनेश बंजारे सर एवं विद्यालय के प्राचार्य प्रेम लाल साहू सर के मार्गदर्शन में सभी देवी दर्शन एवं पर्यावरण दर्शन का भ्रमण कराया और तुरतुरिया के अनेक जानकारी शिक्षकों के द्वारा बच्चों को दिया गया। बच्चे खुशी एवं उल्लास के साथ सभी क्षेत्र का भ्रमण किए ।इस भ्रमण में हैप्पी पब्लिक स्कूल हसौद के समस्त बच्चे एवं शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे ।तुरतुरिया में बच्चों ने गाय का मुख को देखा जहां से जल प्रवाह होती है और सभी बच्चों ने वहां वन्यजीव अनेक जातियों के पेड़ पौधे की जानकारी अपने शिक्षक से प्राप्त किया । और वहां पर सभी बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था स्कूल की ओर से किया गया था ।भोजन बनाने में विद्यालय के सभी बच्चों एवं शिक्षक शिक्षिकाओं की भागीदारी रही।

फिर अगले दिन बाल दिवस के उपलक्ष में एफ एल सर अमृता मैडम एवं धीवर सर राहुल सर और किशोर सर के सानिध्य में विभिन्न प्रकार के खेलकूद कार्यक्रम का आयोजन रखा गया । जिसमें कुर्सी दौड़ जलेबी दौड़ चम्मच प्रतियोगिता कराया गया जिसमें स्कूल के सभी छोटे बच्चों ने हिस्सा लिया इस कार्यक्रम में प्रथम स्थान शुभम अनुराधा सौम्या अमन अनुराग आशमा खुशी चंचल नमन एवं द्वितीय स्थान पर राजा तरुण काजल यामिनी भाव्या रहे बच्चों ने उमंग के साथ चाचा नेहरू का बाल दिवस को विद्यालय में शिक्षक की उपस्थिति में केक काटकर मनाया गया । बच्चों को कार्यक्रम के अंत में चाचा नेहरू जी के जीवन के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया । नेहरू बच्चों से बहुत ज्यादा प्यार करते थे एवं नेहरु जी कहते थे कि बच्चे मन के सच्चे होते हैं । कार्यक्रम के अंत में बच्चों को मिष्ठान वितरण एवं सभी बच्चों को पेंसिल और पेन देकर बाल दिवस कार्यक्रम समाप्ति किया गया ।।

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