CG NEWS – मोबाइल और पढ़ाई को लेकर डांट पड़ी, 9वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान
अंतागढ़ ब्लॉक के भानुप्रतापपुर स्थित आत्मानंद स्कूल की 9वीं कक्षा की एक छात्रा ने रविवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों द्वारा मोबाइल फोन और पढ़ाई को लेकर बार-बार डांटने से आहत होकर छात्रा ने यह कदम उठाया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है।

CG NEWS – मोबाइल और पढ़ाई को लेकर डांट पड़ी, 9वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान
कांकेर : जिला के अंतागढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कान्हारगांव निवासी किशोरी, जो आत्मानंद स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्रा थी, ने रविवार शाम अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि वह बीते कई दिनों से मोबाइल का अत्यधिक उपयोग कर रही थी और पढ़ाई में ढिलाई बरत रही थी। इसको लेकर परिवारजन अक्सर उसे समझाते और डांटते रहते थे। रविवार को भी इस विषय पर उसे डांटा गया, जिसके बाद किशोरी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं आई, तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर उसका शव फंदे पर लटका मिला।

सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव का पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में परिजनों के बयान के आधार पर यह सामने आया कि पढ़ाई और मोबाइल को लेकर हुए विवाद ने छात्रा को तनाव में डाल दिया था।

गांव में मातम का माहौल
किशोरी की मौत से गांव में शोक का माहौल है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। लोग इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कह रहे हैं कि पढ़ाई और मोबाइल जैसे मुद्दों पर बात को इतना गंभीर रूप नहीं लेना चाहिए था।

पुलिस और विशेषज्ञों की अपील
पुलिस ने घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए आम लोगों से अपील की है कि किसी भी समस्या का हल आत्महत्या नहीं है। मानसिक तनाव या दबाव की स्थिति में परिजनों, दोस्तों या भरोसेमंद लोगों से बात करनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरावस्था में बच्चों पर पढ़ाई और मोबाइल जैसे मुद्दों को लेकर अनावश्यक दबाव डालना कई बार गंभीर परिणाम दे सकता है। ऐसे में माता-पिता को चाहिए कि बच्चों से संवाद बनाए रखें और उन्हें समझाने का प्रयास करें। समाजशास्त्रियों और मनोचिकित्सकों का मानना है कि हर समस्या का समाधान बातचीत और आपसी विश्वास से निकाला जा सकता है। जीवन अनमोल है और एक गलत कदम न केवल एक जीवन खत्म कर देता है बल्कि पूरे परिवार को आजीवन पीड़ा दे जाता है।








