गरियाबंदछत्तीसगढ़

रात को घर में घुसकर मारपीट, दबंगों ने मां-बेटे को पैर टूटते तक पीटा..

गरियाबंद :  देवभोग थाना के सागुनभाड़ी में 22 नवंबर की रात लगभग 10 बजे दुर्योधन कश्यप समेत उसके परिवार के अन्य 5 सदस्य मिलकर गांव के ही हरीश सिन्हा के पैर टूटते तक पिटाई की थी. जान बचाकर जब घर घुसा तो आरोपी लाठी डंडा लेकर पीड़ित के घर घुस गए.

बीच बचाव में उतरी बूढ़ी मां जुगनी बाई उम्र 60 वर्ष पर भी लाठी से प्रहार कर घायल कर दिया गया. मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गाली, गलौज, मारपीट और बलवा के अलावा आईपीसी के धारा 452 के तहत मामला पंजीबध्द कर 6 आरोपियों को जेल भी भेज दिया गया.

वहीं आज गांव के सरपंच कृष्ण कुमार, पटेल डमरूधर,कोटवार बृजलाल समेत 50 से भी ज्यादा महिला पुरुष थाने पहुंच कर आईपीसी की धारा 458 जोड़ने की मांग कर रहे थे.

भीड़ देखकर अलर्ट पुलिस ने ग्रामीणों को मूख्य दरवाजे पर रोक दिया. प्रतिनिधि मंडल से बातचीत कर थाना प्रभारी ने सभी आवश्यक धाराओं के तहत कार्रवाई करने का आश्वसन दिया, तब जाकर ग्रामीण वापस लौटे. थाना प्रभारी ने कहा कि पीड़ित घायल थे. उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया था. कल कथन लेने के बाद आवश्यक धाराएं जोड़ दी जाएंगी.

क्यों हुई मांग 458 कायमी की ?
न्यायिक जानकारों के मुताबिक आईपीसी 452 की धारा घर घुस कर मारपीट की धाराएं हैं. यह नॉन बेलेबल भी है. इसमें 7 साल की सजा का प्रावधान है, जिसका ट्रायल न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के अदालत में चलता है, जबकि आईपीसी 458 की धारा सूर्यास्त के बाद किसी घर मे प्रवेश कर मारपीट के लिए लगाया जाता है.

यह भी नॉन बेलेबल है. इसमें 14 साल के सजा का प्रावधान है, लेकिन इसका ट्रायल जिला सत्र न्यायालय में चलता है. घटना रात 10 बजे की थी, इसलिए ग्रामीण आरोपियों के खिलाफ 458 जोड़ने की मांग कर जागरूकता का परिचय दिया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!