

बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल दहशत एवं नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार ने अर्धसैनिक बलो कि क्षेत्र में तैनाती की है. नक्सल समस्याओं से निपटने में अर्धसैनिक बलों के सामने कई बार क्षेत्र की भौगोलिक वातावरण व स्थानीय बोली आगे-आने लगी थी, अर्धसैनिक बालों को होने वाले तमाम चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने स्थानीय युवाओं के लिए पुलिस भर्ती का द्वार खोल दिया है. बस्तर के युवाओं की फौज होने के कारण बस्तर फाइटर नाम दिया गया है.

बस्तर फाइटर में चयनित बस्तर के युवा प्रशिक्षण लेने के बाद क्षेत्र में शांति कायम करने में अहम भूमिका निभाएंगे सरकार ने बस्तर फाइटर आरक्षण के कुल 21सौ पद स्वीकृत किए थे जिसमें चयनित कुछ युवा हाल में प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे हैं अर्धसैनिक बलों को स्थानीय बोली की जानकारी ना होने से अनेक प्रकार की व्यवहारिक कठिनाइयों व चुनौती का सामना करना पड़ता था जबकि बस्तर फाइटर में जिले के स्थानीय युवाओं की भर्ती होने से वे स्थानीय बोली और भौगोलिक स्थिति के जानकार होंगे भाषा की चुनौती दूर करने के साथ ही स्थानीय जनता व पुलिस के संबंध को भी मजबूती मिलेगी प्रशिक्षण केंद्र में अधिकारियों के मुताबिक बस्तर फाइटर बल को कमोबेस विविध प्रकार के कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें राज्यो को कानून और व्यवस्था बनाए रखने में सहायता प्रदान करना एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों और अति वरिष्ठ व्यक्तियों की सुरक्षा तथा नक्सलवाद से निपटने के लिए तैनात किया जाएगा, बल्कि लगातार मूवमेंट करने और निरंतर बदलने वाली जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है आने वाले समय में प्रशिक्षण पूरा होते ही इन युवाओं को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा जहां नक्सलियों का आतंक रहता है बस्तर फाइटर में बस्तर के स्थानीय युवाओं का अहम योगदान रहेगा।





