
डॉ० टी०एल० मिर्झा के पुस्तक का विमोचन..
बरपाली : शासकीय महाविद्यालय, बरपाली, जिला-कोरबा छ0ग0 में पदस्थ विभागाध्यक्ष राजनीतिशास्त्र डॉ टी एल मिर्झा के द्वारा लिखित पुस्तक “छत्तीसगढ़ में लोक प्रशासन सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक” पुस्तक का विमोचन राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी विषय छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग में स्वतंत्रता आंदोलन के स्वरूप रंगमहल रिसार्ट जिला जॉजगीर चाम्पा में आयोजित था। उक्त गरिमामयी कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन किया गया। स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में भारतीय इतिहात्त संकलन समिति, छत्तीसगढ़ प्रांत शासकीय नवीन महाविद्यालय नवागढ़ जिला जॉजगीर चाम्पा छत्तीसगढ़ एवं भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में संगोष्ठी आयोजित थी। कार्यक्रम का मुख्य अभ्यागत माननीय डॉ० बालमुकुन्द पाण्डेय जी, राष्ट्रीय संगठन सचिव अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली, प्रो० एन०डी०आर० चन्द्र जी प्राध्यापक अंग्रेजी नागालैण्ड केन्द्रीय विश्वविद्यालय कोहिमा एवं पूर्व कुलपति बस्तर, प्रो० कुमार रत्नम जी सदस्य सचिव (मेंबर सेकरेटरी) आई०सी०एच० आर० नई दिल्ली, माननीय श्री संजय मिश्र जी राष्ट्रीय सहसंगठन सचिव अखिल भारतीय इतिहास सह संकलन योजना नई दिल्ली, डॉ रमेश मिश्र जी पूर्व प्राध्यापक एवं अध्यक्ष इतिहास अध्ययन शाला पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर, डॉ० हर्षवर्धन तोमर जी इग्नू नई दिल्ली क्षेत्र संगठन मंत्री (एस०बी०आई०एस०वाय०) मध्य क्षेत्र, डॉ० अल्केश चतुर्वेदी जी कुलपति सांची विश्वविद्यालय भोपाल, श्री शशांक शर्मा जी पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रंथ अकादमी रायपुर छ ग आदि अतिथियों ने पुस्तक की सराहना की। संगोष्ठी के आयोजक बेहद ऊर्जावान प्राचार्य प्रो बी०के० पटेल शासकीय महाविद्यालय, नवागढ़, शासकीय महाविद्यालय बरपाली के प्राचार्य डॉ० अम्बिका प्रसाद वर्मा, डॉ० एस०एल० निराला प्राचार्य शासकीय नवीन महाविद्यालय सकरी, डॉ० रंजना नाथ वरिष्ठ प्राध्यापक जन्तुविज्ञान शासकीय महाविद्यालय बरपाली, डॉ० एस०डी० पटेल, वरिष्ठ प्राध्यापक शासकीय नवीन महाविद्यालय बांकीमोगरा, डॉ० प्यारेलाल आदिले प्राचार्य जय बूढा देव कलॉ एवं विज्ञान महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय टी०सी०एल० महाविद्यालय में पदस्थ डॉ० ईश्वरी बृजवासी सहायक प्राध्यापक राजनीतिशास्त्र, शोध स्कॉलर, छात्र छात्राओं एवं विभिन्न महाविद्यालयों से पधारे शिक्षकों के द्वारा लेखक को धन्यवाद दिया गया।





