भ्रामक खबरों का स्वास्थ्य विभाग ने किया खंडन, प्रशासनिक आदेशों को बताया जनहित में आवश्यक
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए किए गए हैं अटैचमेंट आदेश – सीएमएचओ

भ्रामक खबरों का स्वास्थ्य विभाग ने किया खंडन, प्रशासनिक आदेशों को बताया जनहित में आवश्यक
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए किए गए हैं अटैचमेंट आदेश – सीएमएचओ
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अटैचमेंट संबंधी आदेशों को लेकर कुछ माध्यमों में प्रकाशित समाचारों का जिला स्वास्थ्य विभाग ने खंडन किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में जारी सभी प्रशासनिक आदेश पूरी तरह नियमसम्मत, पारदर्शी एवं जनहित को ध्यान में रखकर जारी किए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव ने कहा कि कर्मचारियों के अटैचमेंट एवं पदस्थापना संबंधी निर्णय किसी व्यक्ति विशेष को लाभ या हानि पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध मानव संसाधनों के संतुलित उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए किए गए हैं।

विभाग के अनुसार कुछ स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यभार अधिक होने तथा कुछ स्थानों पर कर्मचारियों की कमी को देखते हुए आवश्यक प्रशासनिक पुनर्व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। आदेश जारी करने से पूर्व संस्थागत आवश्यकताओं, सेवा उपलब्धता एवं कार्य निष्पादन की स्थिति का परीक्षण किया गया था।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हालिया प्रशासनिक आदेशों के बाद कई स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की उपलब्धता और कार्य व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए समय-समय पर मानव संसाधनों का पुनर्संतुलन आवश्यक प्रक्रिया है।
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपुष्ट एवं भ्रामक समाचारों पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी के लिए विभाग के अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करें। स्वास्थ्य प्रशासन का उद्देश्य केवल जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
सीएमएचओ डॉ. वैष्णव ने कहा कि “जनहित सर्वोपरि है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्णय आगे भी लिए जाते रहेंगे। सभी आदेश नियमों के अनुरूप एवं जनता के हित में हैं।”





