
कलेक्टर कन्नौजे ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलटिकरी का किया औचक निरीक्षण
9 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
ब्लॉक एवं जिला शिक्षा अधिकारी के सुस्त रवैये से कई शासकीय स्कूल मे अव्यवस्था का आलम 
सारंगढ़ बिलाईगढ़ : जिले के कलेक्टर डॉक्टर संजय कन्नौजे ने 16 फ़रवरी को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलटिकरी का निरीक्षण किया था जिसमे शिक्षको की कई तरह की लापरवाही और उदासीनता देखने को मिली जिसकी वजह से कलेक्टर ने काफी नाराजगी जाहिर की और लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ एक्शन मोड़ पर भी नजर आ रहे.

आपको बता दे लगभग 9 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था एवं प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही देखने को मिला जिसमे बिना अनुमति अवकाश लिए स्कूल से नदारत रहे 2 शिक्षक साथ ही 7 ऐसे शिक्षक जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा बच्चों की उपस्थिति परीक्षा कार्य जैसे कई तरह की कमिया पाई गई जिसको लेकर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को कार्यवाही करने का निर्देश दिया जिसमे जिला शिक्षा अधिकारी जे आर डहरिया ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है.

बताया जा रहा है कि संबंधित शिक्षकों से निर्धारित समयावधि के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है तो विभागीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता और अनुशासन से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर निरीक्षण एवं समीक्षा की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद विद्यालय में प्रशासनिक सख्ती बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, शिक्षकों द्वारा नोटिस का जवाब तैयार किया जा रहा है। मामले को लेकर शिक्षा जगत में चर्चा का माहौल है।

इस प्रकार की लापरवाही शासकीय शिक्षकों के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है जबकि बोर्ड परीक्षा नजदीक मे है. यदि कई शासकीय हाई स्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल मे इस प्रकार से औचक निरिक्षण और गंभीरता से निरिक्षण किया जाये तो बहुत सारी खामिया देखने को मिल सकता है. लेकिन ब्लॉक एवं जिला शिक्षा अधिकारी के सुस्त रवैये से कई शासकीय स्कूल मे अव्यवस्था देखने को मिल रहा है जहाँ शिक्षकगण नदारद है .यदि ब्लॉक् एवं शिक्षा अधिकारी कार्यालय मे न बैठकर समय समय पर यदि विद्यालयों का निरिक्षण करते तो आज कई अव्यवस्थाये का भी सुधार हो जाता.आज हमारे जिले मे कलेक्टर के कई ऐतिहासिक कदम के बाद विकास का दौर शुरू हुआ लेकिन कई अधीनस्थ अधिकारी एक स्थान पर ही टिके होने के कारण कई शासकीय स्कूल के प्रति आत्मीयता बढ़ गई है. स्कूल के कार्यक्रम मे जाने का समय मिल जाता है लेकिन स्कूल के निरीक्षण के लिए समय नहीं मिल पाता.





