
US Student Visa Policy: अमेरिका ने स्टूडेंट वीजा नियम सख्त कर दिए हैं. इसका असर अब सिर्फ विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एजुकेशन लोन सेक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशों में पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसों में तेजी से गिरावट आई है. इसी वजह से एजुकेशन लोन देने वाली कंपनियों को बड़ा झटका लगा है. अमेरिका के इस फैसले से एजुकेशन लोन सेक्टर में एक बार फिर सुस्ती देखने को मिल रही है.

कई छात्र अब अमेरिका जाने का मन बदल रहे हैं. पहले छात्र अमेरिका की अच्छी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना चाहते थे, लेकिन सख्त वीजा नियमों के कारण अब वे दूसरे देशों की ओर रुख कर रहे हैं.
छात्रों का कहना है कि आने वाले एक-दो साल तक अमेरिका में पढ़ाई करना आसान नहीं होगा. ऐसे में हजारों छात्र अब UK, जर्मनी, फ्रांस और यूरोप के अन्य देशों को स्टडी अब्रॉड के विकल्प के तौर पर देख रहे हैं.

वीजा सख्ती का सीधा असर एजुकेशन लोन मार्केट पर पड़ा है. अगस्त से शुरू होने वाले फॉल एडमिशन सीजन में विदेश पढ़ाई के लिए भेजे गए पैसों में करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
यह रकम 416 मिलियन डॉलर से घटकर 319 मिलियन डॉलर रह गई है. वहीं, जनवरी से शुरू होने वाले स्प्रिंग एडमिशन सीजन में भी करीब 18 फीसदी की कमी आई है. इस दौरान भेजी गई रकम 449 मिलियन डॉलर से घटकर 368 मिलियन डॉलर पर आ गई.







