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मनेंद्रगढ़ के सोनवाही जंगल में मवेशियों की तस्करी, चार मवेशी तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले सोनवाही में चार मवेशी तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं.

मनेंद्रगढ़ के सोनवाही जंगल में मवेशियों की तस्करी, चार मवेशी तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले सोनवाही में चार मवेशी तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं.

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: छत्तीसगढ़ में मवेशी तस्करों पर पुलिस की पैनी नजर है. सरगुजा संभाग के मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले (एमसीबी) में रविवार को मवेशी तस्करों पर एक्शन हुआ है. एमसीबी पुलिस ने चार मवेशी तस्करों को अरेस्ट किया है. ये सभी कुल सात भैंसों को सोनवाही के जंगल से एमपी की ओर लेकर जा रहे थे.

मवेशियों को गौशाला भेजा गया: सभी मवेशियों को पुलिस ने जब्त कर लिया और चारों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है. सातों मवेशियों का रेस्क्यू कर गौशाला भेजा गया है. एमसीबी पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

नाइट पेट्रोलिंग के दौरान हुआ मवेशी तस्करी का खुलासा: एमसीबी पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक सोनवाही इलाके में थाना प्रभारी जगदेव कुशवाहा और एएसआई चित्रबहोर यादव पेट्रोलिंग कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें कुछ लोग मवेशियों को ले जाते हुए संदिग्ध अवस्था में दिखे. रोककर पूछताछ की गई तो वो संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इसके बाद और पूछताछ की गई तो पता चला कि चार लोग सात मवेशियों को एमपी लेकर जा रहे हैं. उसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया.

आरोपियों के बारे में जानकारी: कुल चार मवेशी तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें तीन आरोपी एमपी के रहने वाले हैं और एक आरोपी एमसीबी छत्तीसगढ़ का रहने वाला है. आरोपियों की पहचान बृजेंद्र सिंह कोटाडोल निवासी एमसीबी के रूप में हुई है. इसके अलावा रामसुहावन जायसवाल, सिंगरौली एमपी का रहने वाला है. रमेश कुमार यादव और इंद्रजीत यादव, सीधी, एमपी के रहने वाले हैं.

क्षेत्र में लगातार मवेशियों की तस्करी की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद पुलिस टीम को गश्त के लिए भेजा गया था. इसी दौरान यह कार्रवाई की गई. सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध पशु तस्करी को रोका जा सके- जगदेव कुशवाहा , थाना प्रभारी, सोनवाही

आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज: गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एमसीबी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. इनके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1) के तहत कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि इस तरह के संदिग्ध लोगों और अवैध तस्करी करने वालों को अगर देखें तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया. अदालत ने सभी को न्यायिक रिमांड पर भेजा है.

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