

हरेन्द्र बघेल रायपुर। CG BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में आरक्षण बिल को लेकर राजनीति गहराती जा रही है। आरक्षण बिल को लेकर राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। सरकार ने राज्यपाल के पास आरक्षण बिल विधेयक पर हस्ताक्षर करने के लिए भेजा था लेकिन राज्यपाल ने सरकार के पास 10 सवालों की एक लिस्ट थमा थी और कहा था कि इन सवालों के जवाब अगर सरकार देती है तो फिर मैं हस्ताक्षर करने पर सोचूंगी। सरकार ने हाल ही में राज्यपाल के सवालों का जवाब भी दिया था लेकिन अब तक हस्ताक्षर न होने पर सीएम भूपेश बघेल ने नाराजगी जताई है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी शैलजा कुमारी की अध्यक्षता में आज राजीव भवन में महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें आरक्षण में हो रही देरी और कांग्रेस की रणनीति को लेकर लंबी चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी का पद संभालने के बाद कुमारी शैलजा पहली बार कल रविवार को छत्तीसगढ़ पहुंची, जिसके बाद आज बड़ी महत्पूर्ण बैठक हुई, जिसमे सीएम भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ मोहन मरकाम समेत कई बड़े नेता शामिल हुए।

3 जनवरी को कांग्रेस करेगी महारैली
मीटिंग के बाद सीएम भूपेश ने बताया कि बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया है कि आरक्षण बिल को लेकर 3 जनवरी को कांग्रेस रायपुर में महारैली करेगी। आरक्षण बिल में हस्ताक्षर पर हो रही देरी को लेकर मुख्यमंत्री ने तीखी नाराजगी जतायी है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कौन है विधिक सलाहकार जो विधानसभा से भी बड़ा हो गया?’
देश के युवाओं के हित में हमने जवाब भिजवाया – सीएम
सीएम ने आगे कहा – राज्यपाल ने पहले 10 सवाल भेजे थे, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था, बावजूद प्रदेश के युवाओं के हित में हमने जवाब भिजवाया, अब नया दांव चला जा रहा है कि उसका परीक्षण किया जायेगा। विधानसभा में जो पास हो गया, उसका भी परीक्षण करायेंगे अब? हम तो ढूंढ रहे हैं कौंन हैं वो विधिक सलाहकार जो ऐसी सलाह दे रहे हैं? तो हम विधिक सलाहकार को ही पकड़ लेते ? रविवार को राज्य सरकार ने ये जानकारी दी थी कि जिन 10 बिंदुओं पर राजभवन ने जवाब मांगा है, वो जवाब भेज दिये गये हैं, अब राज्यपाल को हस्ताक्षर में देरी नहीं करनी चाहिये। लेकिन अब ये नयी बात आ रही है कि उसका परीक्षण कराया जायेगा।





