

विक्की पटेल रायगढ़ : साप्ताहिक बाजार पर भिड़े दो सांड, बाजार में मची अफरा-तफरी, रविवार को दो सांडों की भिड़ंत हो गई. यह काफी देर तक जारी रही और वहां मौजूद दुकानदार व राहगीर जान बचाकर भागते दिखे. रायगढ़ के गौरी शंकर मन्दिर के पास बाजारों पर आवारा सांड का आतंक देखने को मिल रहा है. आवारा पशुओं और खासकर सांडों की आपसी जंग का मैदान बनी नजर आती है. रविवार को रायगढ़ के गौरीशंकर मन्दिर के पास भरे बाजार में दो सांडों की भिड़ंत में दुकानदार और सब्जी खरीदने वाले बाल बाल बचे हैं. सांडों की कुश्ती से भरे बाजार में अफरा तफरी मची रही. मिली जानकारी के अनुसार यहां आये दिन आवारा पशुओं से परेशान दुकानदार भारी परेशानियों का सामना कर रहे है, लेकिन प्रशासन इनकी कोई भी सुध नहीं ले रहा है.
आवारा पशुओं के आतंक से ग्रामीण क्षेत्र के लोग ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्र के लोग भी परेशान हैं. ऐसे में सरकार के जिम्मेदारों को कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है. आवारा गौवंशों की बात करें तो वह किसानों की फसलों को तो नुकसान पहुंचा ही रहे थे, इसके साथ ही उनके हमलों से बहुतों ने अपनी जान भी गंवाने की आशंका बनी हुई है. बाजार में दो सांडों की लड़ाई ने लोगों के बीच दहशत भर दी.

सांडों की लड़ाई में जान बचाकर भागते दिखे दुकानदार एवं ग्रामीण
बाजार में ही दो सांड आपस में भिड़ गए. दोनों में इतनी जोरदार जंग हुई कि लोगों को अपनी दुकानें व खरीददारी करने वाले को वहां से जान बचाकर भागना पड़ गया. इन आवारा पशुओं से छुटकारा पाने के लिए प्रशासन को शासन प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है मगर ऐसा मालूम होता है कि शासन प्रशासन को जानकारी नही होगा या उनके कानों तक नहीं पहुंचती संभवतः अनदेखा कर दिया जाता है.
प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत
प्रशासन की तरफ से बड़ी बड़ी बातें तो खूब की जाती हैं कि उनके द्वारा शहर से आवारा पशुओं को गौशालाओं में भेज दिया गया है. मगर सवाल यह उठता है कि जब गौशाला ही कागजों पर चल रही हो तो ऐसे में आवारा पशु क्यों ना मुंह जुबानी आबादी क्षेत्र से गायब हों. खैर प्रशासन का क्या है समस्या तो आमजनमानस की है, जिन्हें रोज जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.





